जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद: शहर में घनी आबादी के बीचोंबीच गुजर रहे प्रमुख नाले अब तक बारिश का पानी झेलने को तैयार नहीं हो सके हैं। अभी कई ऐसे नाले हैं, जो गंदगी से चोक पड़े हैं। ऐसे हालात में बारिश के दौरान बस्तियां पानी में डूब सकती हैं।

सुहागनगरी में जरा सी बारिश होते ही हाईवे से सटे सर्विस रोड सहित कई बस्तियां पानी में डूब जाती हैं। वहीं जल निकासी का इंतजाम न होने के कारण नई आबादी के इलाकों में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बंबा रोड से सटे महादेव नगर नाले के दोनों साइड घनी बस्ती है। यहां बारिश के मौसम में नाला ओवरफ्लो होने के कारण हर साल बस्तियों में काफी जलभराव हो जाता है। कई दिनों तक पानी निकासी न होने के कारण जर्जर मकान गिरने की घटनाएं भी हो चुकी हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए नगर निगम द्वारा एक मार्च से नालों की तलीझाड़ सफाई अभियान शुरू किया गया। इसमें बंबा बाइपास सहित बड़े नालों की पोकलेन मशीन से सफाई कराई जा रही है। धीमी गति से कार्य होने के कारण अब तक 60 प्रतिशत नाले ही साफ हो सके हैं। आठ दिनों में 40 प्रतिशत नालों की सफाई कराना नगर निगम अधिकारियों के लिए बड़ी चुनौती है।

----

एक नजर में नालों की स्थिति

109 : शहर में कुल छोटे-बड़े नाले

151: किमी है शहर में नालों की लंबाई

150 : सफाई कर्मियों का बनाया गया गैंग

31 : मई के अंत तक नाला सफाई का लक्ष्य अब तक यह नाले हुए साफ: आसफाबाद चौराहे से भारत टाकीज तक, आसफाबाद चौराहे से थाना रसूलपुर तक, थाना रसूलपुर से नैनी ग्लास तक, संपतराम की पुलिया से थाना रसूलपुर तक, नैनी ग्लास चौराहे से जाटवपुरी की पुलिया तक, जाटवपुरी, नगला बरी, कोटला चुंगी से बोधाश्रम तक, शीतल खां रोड, बंबा चौराहे से रानी नगर तक, क्लब चौराहे से झील की पुलिया तक, गांधी पार्क से स्टेशन रोड तिकोनियां, श्याम नगर, दखल आदि। बारिश के मौसम को देखते हुए शहर में तेजी से नालों की तलीझाड़ सफाई का कार्य चल रहा है। माह के अंत तक सभी नाले साफ करा दिए जाएंगे। - दलवीर सिंह, जेडएसओ

Edited By: Jagran