फिरोजाबाद ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में दूसरा स्थान पाकर रचा इतिहास, मियावाकी पद्धति से उगाए जंगल
फिरोजाबाद ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 3-10 लाख आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है, जो वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाता है।

एनकैप योजना के तहत कोटला रोड से झील की पुलिया तक बनी सड़क, लगे ट्री गार्ड: जागरण आर्काइव
HighLights
फिरोजाबाद को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में देश में दूसरा स्थान मिला।
शहर ने वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।
मियावाकी वन और आधुनिक सफाई से प्रदूषण कम हुआ।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। कभी देश के सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहे फिरोजाबाद ने वायु गुणवत्ता में सुधार की लंबी छलांग लगाई है। केंद्र सरकार द्वारा नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एन-कैप) के तहत जारी की गई 130 शहरों की रैंकिंग में तीन से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में फिरोजाबाद नगर निगम को दूसरा स्थान मिला है।
केंद्र सरकार द्वारा शहरों को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। एन-केप योजना से नगर निकायों को वायु प्रदूषण घटाने के लिए करोड़ों का बजट दिया जा रहा है।
नगर निगम प्रशासन द्वारा अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों (हाट-स्पाट) में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए मुख्य मार्गों को विकसित करने के साथ पौधे रोपित कराए गए। सुरक्षा के लिए ट्री गार्ड भी लगाए। दो दर्जन से अधिक स्थानों पर मियावाकी पद्धति से घने जंगल उगाने का कार्य किया गया है।
इसके साथ ही हाईवे सहित मुख्य मार्गों पर मशीनों से सफाई कराई जा रही है। गर्मी के दिनों में दो वाटर स्प्रिंकलर मशीनों से पानी का छिड़काव कराया जाता है, जिससे धूल न उड़े। इसका असर दिखने लगा है।
नगर आयुक्त प्रशांत नागर ने बताया कि वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए नगर निगम द्वारा तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2017-18 में शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) जहां 247 दर्ज किया था, वह वर्ष 2025-26 में घटकर निर्धारित मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर पर आ गया।
इस समय उससे भी काफी कम है। हमें 2025-26 तक एक्यूआई 124 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर करने का लक्ष्य मिला था, जबकि हमने 100 का स्तर हासिल करके लक्ष्य को 24 अंक पीछे छोड़ दिया।
चार वर्षों में ऐसी रही वायु की गुणवत्ता
| वर्ष | औसत एक्यूआई |
|---|---|
| नवंबर - 2021 | 398 |
| नवंबर - 2022 | 146.41 |
| नवंबर - 2023 | 132.18 |
| नवंबर - 2024 | 118.26 |
| अक्टूबर - 2025 | 63.32 |
| सितंबर - 2026 | 46.62 |
ये है मियावाकी वन
मियावाकी छोटे-छोटे वन उगाने की जापानी तकनीक है। इसमें पौधे पास-पास लगाए जाते हैं। जिससे वे तेजी से ऊपर की ओर बढ़ते हैं। वन विभाग पिछले पांच वर्षों से जिले में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर इस तरह पौधारोपण करा चुका है।
यह शहरवासियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। वायु प्रदूषण कम करने में शहर के व्यापारी और आमजन का काफी सहयोग मिल रहा है। हम सब मिलकर आगे भी प्रदूषण को कम करने का कार्य करेंगे।
-कामिनी राठौर, मेयर।
