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पीएनजी बन रही पहली पसंद, एलपीजी से ज्यादा सुरक्षित और किफायती, जानिए दोनों में क्या है अंतर?

Published: Sun, 27 Sep 2026 07:22 PM (IST)

फिरोजाबाद में एलपीजी सिलिंडर के झंझट से बचने के लिए लोग अब पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को प्राथमिकता दे रहे ...और पढ़ें

सुहाग नगर में पीएनजी कनेक्शन पर खाना बनाती महिला: जागरण

सुहाग नगर में पीएनजी कनेक्शन पर खाना बनाती महिला: जागरण

HighLights

  1. पीएनजी एलपीजी से अधिक सुरक्षित और किफायती, लोग दे रहे प्राथमिकता।

  2. गेल गैस लिमिटेड फिरोजाबाद में 7,000 से अधिक घरों को कर रही आपूर्ति।

  3. छह माह में 1200 से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन लगाए गए।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। घरेलू गैस (एलपीजी) सिलिंडर खत्म होने के झंझट से बचने के लिए अब काफी संख्या में लोग पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) का उपयोग करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। गेल गैस लिमिटेडके अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी की अपेक्षा पीएनजी पूरी तरह सुरक्षित और किफायती है। घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इसकी 24 घंटे आपूर्ति कराई जा रही है। छह माह में 1200 से अधिक घरों में नए कनेक्शन कराए जा चुके हैं। वहीं 3500 से अधिक घरों में कनेक्शन कराने का कार्य प्रगति पर है।

पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए गेल गैस लिमिटेडद्वारा गणेश नगर, विभव नगर, जैन नगर, सुहाग नगर, महावीर नगर, आर्य नगर सहित दो दर्जन से अधिक मोहल्लों में सात हजार से अधिक घरों में पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। शासन-प्रशासन की प्राथमिकता पर तिलक नगर, बोधाश्रम, नगला दखल, साठ फुटा रोड, सुदामा नगर, सत्य नगर, हिमायूंपुर सहित अन्य क्षेत्रों में नए कनेक्शन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

गेल गैस लिमिटेडके उपमहाप्रबंधक मनमोहन का कहना है कि पीएनजी पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है। इसकी घरों में 24 घंटे आपूर्ति कराई जाती है, जिससे गैस खत्म होने की लोगों को चिंता नहीं रहती। एलपीजी की अपेक्षा पीएनजी हल्की गैस होती है, जो कोई घटना होने पर हवा में उड़ जाती है। साथ ही एलपीजी की अपेक्षा यह काफी किफायती भी है। घरों में खपत के आधार पर उपभोक्ताओं को बिल उपलब्ध कराए जाते हैं।

अगस्त के अंत तक 30 हजार कनेक्शनों की नहीं हो पाई थी ई-केवाइसी

इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से उपजे पेट्रोलियम पदार्थों के संकट बढ़ने पर गैस किल्लत को देखते हुए तेल कंपनियों ने घरेलू गैस कनेक्शन धारकों की ई-केवाइसी कराने के निर्देश दिए थे। इसमें जिले में 30 हजार से अधिक फर्जी कनेक्शन होने की आशंका जताई गई थी। जिले में कुल 6.23 लाख कनेक्शन धारक हैं।

एलपीजी कनेक्शनों के ई-केवाइसी की प्रक्रिया अभी चल रही है। अभी तेल कंपनियों की ओर से कोई अंतिम तिथि घोषित नहीं की गई है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्थिति स्पष्ट होगी कितने कनेक्शन फर्जी हैं अथवा कितने कनेक्शन काटे गए हैं।

-स्वीटी कुमारी, डीएसओ