सफाईकर्मी खिलाफत में कर रहे थे नारेबाजी, फिरोजाबाद की मेयर जा बैठीं साथ में धरना देने
फिरोजाबाद में ठेका सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए, जिससे शहर में सफाई व्यवस्था ठप हो गई। ...और पढ़ें

सफाई कर्मियों के साथ धरने पर बैठीं मेयर कामिनी राठौर।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। वेतन और अन्य मांगों को लेकर नगर निगम के ठेका सफाई कर्मी सोमवार सुबह सात बजे हड़ताल पर चले गए। निगम परिसर में धरने पर बैठ कर अधिकारियों और मेयर के विरुद्ध नारेबाजी की गई। सफाई उपकरणाें को शहर में नहीं निकलने दिया गया। इस कारण पूरे शहर में सफाई नहीं हो सकी।
सु़बह करीब 10 बजे सिटी मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और अपर नगर आयुक्त अजय कुमार वार्ता के लिए आए लेकिन सफल नहीं हो सकी। दोपहर में दो से तीन बजे तक मेयर कामिनी राठौर भी धरने में बैठीं।
निगम में करीब 1800 सफाई कर्मी ठेके पर काम करते हैं। उनकी ड्यूटी सुबह सात बजे से हाेती है। सुबह छह बजे से ही कर्मचारी निगम परिसर में एकत्रित होनेे लगे थे। किसी भी सफाई उपकरणों को जलकल परिसर से बाहर नहीं निकलने दिया गया। इसके बाद धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया गया।
कर्मचारी नेता विनय कुमार वाल्मीकि ने बताया कि कर्मचारियों को उनका 15-15 हजार वेतन सोमवार को ही उनके खाते में भेजा जाए। आउटसोर्स कंपनी को सफाई कर्मियों का जो ठेका दिया गया है, उसकी जांच विशेष जांच दल (एसआइटी) से कराई जाए, कंपनी अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करती है।
कार्य करते समय जिन कर्मियाें की मृत्यु होती है, उनके आश्रितों को 30 लाख रुपये मुआवजा और सामान्य स्थिति में मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए 25 हजार रुपये उपलब्ध कराया जाए, उसके एक आश्रित को निगम में नौकरी दी जाए, कर्मचारियों का क्षेत्र बजाए, क्षेत्र बदलने के लिए ठेका सफाई कर्मचारी संघ को जानकारी दी जाए। शाम चार बजे समाचार लिखे जाने तक धरना जारी है।
