जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: भगवान महावीर जयंती महोत्सव के तीसरे दिन शनिवार की देर रात अखिल भारतीय विराट कवि सम्मेलन हुआ। जिसमें बाहर से आए कवियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत काव्यपाठ कर श्रोताओं को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

मंच पर उपस्थित कवियों में सर्वप्रथम कवि कमलेश बसंत तिजारा ने कहा 'मुम्बई और पठानकोट का हिसाब अभी बकाया है. ।' कवियित्री प्रिया खुशबू ने श्रृंगार रस की 'बसे मन मालवा माटी के मीठे भाव लाई हूं, गजल के घुंघरुओं के मैं बजाने पाव आई हूं।।' वीर रस के कवि अजय अंजाम ने 'कश्मीर का दर्रा-दर्रा वंदेमातरम बोलेगा ,कारतूस का छर्रा छर्रा वंदेमातरम बोलेगा, जिस दिन भारत मां के बेटे अपनी पर आ जाएंगे, इस मिट्टी का जर्रा जर्रा वंदेमातरम बोलेगा.' की प्रस्तुति दी। यशपाल यश ने अपनी कविता दर्द के नयन का नीर हो जाएगा, काम को जीत ले वीर हो जाएगा।

हास्य कवियित्री संध्या ने हास्य व्यंग में कहा 'सत्य है झूठ के पांव होते नहीं, सर्प में दूध के दांत होते नहीं, जिस नदी में बहे आदमी का लहू, उस नदी में कभी हाथ धोते नहीं।' कवि कलाम भारती, दीपिका माही ने काव्य पाठ करते हुए कहा 'तुम्हारी बात में जादू नयन वाचाल लगते है, तुम्हारे बिन मुझे सुख चैन सब जंजाल लगते है..।' अध्यक्षता प्रमोद कुमार जैन, संचालन कवि सुरेन्द्र सार्थक ने किया। कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष अनुज जैन,विशाल जैन, अंकित जैन, मनोज जैन, अशोक कुमार जैन, दिनेश चन्द्र जैन ,संजीव जैन, शैलेन्द्र जैन, संजय जैन ,चन्द्रप्रकाश जैन, अरुण जैन, टोनी जैन, आदि लोग उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित

शनिवार को आयोजित अंहिसा के अग्रदूत भगवान महावीर के 2617वां जन्मकल्याणक महोत्सव को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं और संस्थाओं को सम्मानित किया।

Posted By: Jagran

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