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फिरोजाबाद: पब्लिक के अटके सरकारी काम, लेखपालों ने छोड़े सभी सरकारी ग्रुप; Online कामों का बहिष्कार

By Vimal Kumar Kulshrestha Edited By: Prateek Gupta
Published: Thu, 08 Oct 2026 09:34 PM (IST)

फिरोजाबाद में लेखपालों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर सभी सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए ...और पढ़ें

फिरोजाबाद में आंदोलनरत लेखपाल।

फिरोजाबाद में आंदोलनरत लेखपाल।

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। सदर तहसील में तैनात समस्त 40 लेखपालों ने गुरुवार को सुबह 11 बजे तहसील के सभी प्रशासनिक वाट्सएप ग्रुप को छोड कर ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद लंबित मांगों को लेकर एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया। शासन स्तर से जल्द मांगें पूरी न होने पर 17 अक्टूबर से प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी गई।

उप्र लेखपाल संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रुस्तम सिंह का कहना है कि प्रांतीय कार्यकारिणी के आह्वान पर लंबित मांगों को लेकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन चल रहा है। तीन अक्टूबर को सभी तहसीलों में धरना प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिए गए थे।

दूसरे चरण में गुरुवार से सभी तहसीलों में तैनात लेखपालों ने वाट्सएप ग्रुप को छोड़कर समस्त ऑनलाइन कार्यों जैसे आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र, वरासत रिपोर्ट, फार्मर रजिस्ट्रेशन का सत्यापन सहित सभी सरकारी कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया है। मंत्री आशीष पाराशर का कहना है कि तीन चरण में 10 अक्टूबर को सभी लेखपाल काली पट्टी बांधकर कार्य कर सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे।

बाद में एसडीएम सदर सुदर्शन सिंह को ज्ञापन दिया। मौके पर राधेश्याम सिंह, सुमित तिवारी, दिनेश शंखवार, प्रेमपाल, विकास सारस्वत आदि उपस्थित रहे।

लंबित मांगें पूरी न होने तेज होगा आंदोलन

टूंडला में तहसील अध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वेतन विसंगति दूर करने के साथ ग्रेड-पे 2800 करने, पदोन्नति सूची जारी करने, स्टेशनरी उपलब्ध कराने, वाहन भत्ता बढ़ाए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन चल रहा है। यह मांगें जल्द पूरी न होने आंदोलन तेज करते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा। मौके पर हिमांशु गुप्ता, अजीत कुमार, देवेंद्र बघेल, नरेश कुमार वर्मा उपस्थित रहे।

तहसील सभागार में आंदोलन की बनाई रूपरेखा

शिकोहाबाद तहसील में तैनात लेखपालों ने सरकारी ग्रुप छोड़कर आनलाइन कार्यों का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद तहसील सभागार में आगामी आंदोलन के कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई। लेखपालों का कहना है कि कार्य बहिष्कार के बाद आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी न होने से लोगों को मुश्किल बढ़ जाएगी। लंबित मांगों को लेकर निर्णय न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। 12 अक्टूबर को तहसील में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा।