जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद: फर्जी यूनिटों के जरिए राशन की कालाबाजारी के खेल पर जागरण के पर्दाफाश के बाद प्रशासन की जांच में घोटाले की परतें खुलने लगी हैं। पूर्ति विभाग द्वारा कराई जा रही जांच में सदर तहसील के गांव सुजातगढ़ में डेढ़ सैकड़ा से अधिक राशन कार्ड में तीन सौ से ज्यादा फर्जी यूनिट पाई गई। कोटेदार इन फर्जी यूनिटों का राशन हजम कर रही थी। मामला खुलने के बाद डीएम ने कोटा निरस्त करते हुए मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं।

जिले में राशन कार्डो में दूसरे जिले और प्रांतों के आधार कार्डो से फर्जी यूनिट जोड़कर राशन की कालाबाजारी का खेल चल रहा है। जागरण ने सात अक्टूबर को फर्जी यूनिट के जरिए राशन घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसके बाद लगातार चार दिन तक अभियान चलाया गया। आठ अक्टूबर को डीएम ने जांच के आदेश दिए और अगले दिन से जिला पूर्ति विभाग की टीमों ने डोर-टू-डोर जांच शुरू कराई। इसके बाद जिले भर में डीलरों की रेंडम जांच शुरू हुई है। सुजातगढ़ की डीलर लक्ष्मी देवी की दुकान के सभी राशन कार्डो का घर घर जाकर सत्यापन कराया गया। कार्डधारकों से यह पूछा गया कि उन्हें कितने यूनिट का राशन मिलता है। इसमें यह पता चला कि डेढ़ सौ से अधिक कार्डो में एक या एक से अधिक ऐसे यूनिट जुड़े थे, लेकिन कार्डधारकों को इसकी जानकारी नहीं थी। राशन कार्ड पांच यूनिट का था, लेकिन कार्डधारक को तीन या चार यूनिट का राशन दिया जा रहा था। डीएसओ जाकिर हुसैन ने बताया कि सत्यापन के दौरान तीन सौ फर्जी यूनिट पकड़े गए हैं। एफआइआर के साथ राशन डीलर की दुकान भी निलंबित की गई है।

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कोरोना काल में डीलर हजम कर गई 1500 कुंतल राशन

इस साल कोरोना के चलते जून से एक यूनिट पर हर महीने दस किलो राशन गेहूं और चावल दिया जा रहा है। इस तरह 300 यूनिट पर हर महीने तीन हजार किलो राशन निकल रहा था। जून से अब तक के आंकड़ों के अनुसार लगभग एक कोटेदार के यहां 1500 कुंतल राशन का घोटाला हुआ है। 'जिले भर में राशन कार्डो की जांच के आदेश दिए गए हैं। डोर-टू-डोर एक एक कार्ड का सत्यापन हो रहा है, इसलिए समय लग रहा है, लेकिन फर्जीवाड़ा नहीं चल पाएगा। गड़बड़ी करने वाले कोटेदारों पर एफआइआर होगी और कोटे निरस्त किए जाएंगे।'

चंद्रविजय सिंह डीएम

Edited By: Jagran