फिरोजाबाद में 1 लाख गैस कनेक्शनों पर फर्जीवाड़े का साया, नहीं कराई E-KYC; 20 हजार उज्ज्वला उपभोक्ता भी
फिरोजाबाद में एक लाख गैस कनेक्शनधारकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, जिससे उनके फर्जी होने की आशंका जताई ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
फिरोजाबाद में एक लाख गैस कनेक्शनों की ई-केवाईसी लंबित।
कई कनेक्शन फर्जी होने की आशंका, उपभोक्ता नहीं मिल रहे।
तेल कंपनियां ऐसे कनेक्शनों को बंद कर सकती हैं।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। दो उदाहरण मात्र हैं। जिले में ऐसे एक लाख गैस कनेक्शनधारक हैं, जिनकी अब तक ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। एजेंसी संचालक भी उन्हें ढूंढ नहीं पा रहे हैं। कर्मचारियों को घर-घर भेजने के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल रहा है और उनके फोन भी बंद हैं। जबकि इनसे काफी कनेक्शनों पर चार-पांच महीने पहले तक सिलिंडर की आपूर्ति हो रही थी। ऐसे में इनके फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है।
केस वन: शहर की एक गैस एजेंसी के पांच हजार से अधिक कनेक्शनधारकों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई है। एजेंसी के कंप्यूटर ऑपरेटर ने बताया कि वह छारबाग में स्वर्गाश्रम के पास रहने वाले राम सकल वर्मा नाम के कनेक्शनधारक की ई-केवाईसी करने पहुंचे, लेकिन काफी खोजने के बाद भी इस नाम का कोई व्यक्ति वहां नहीं मिला।
केस दो: उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारक सीमा देवी के नाम से पांच महीने पहले सिलिंडर लिया गया था, लेकिन ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाई है। एजेंसी के कर्मचारी ने बताया कि रिकॉर्ड में दर्ज पते के अनुसार वह महिला को खोजते हुए राजा का ताल क्षेत्र में भटकते रहे, लेकिन सीमा देवी के बारे में कुछ पता नहीं चला। इसलिए लौट आए।
तेल कंपनियां तीन बार बढ़ा चुकी हैं अंतिम तिथि, आज तक का मौका
इजरायल-ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध से उपजे पेट्रोलियम पदार्थों के संकट ने गैस एजेंसी संचालकों का फर्जीवाड़ा खोल दिया है। गैस की किल्लत को देखते हुए तेल कंपनियों ने घरेलू गैस कनेक्शनधारकों की ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करने में सख्ती बरती तो परतें खुलने लगीं। ई-केवाईसी के लिए कंपनियों ने पहले 16 और पर फिर 23 अगस्त की अंतिम तिथि तय की थी।
बाद में इसे बढ़ाकर सात सितंबर कर दिया गया। इसके बाद भी जिले में एक लाख कनेक्शनधारकों की की ई-केवाईसी अब तक नहीं हो पाई। इनमें से 20 हजार कनेक्शन उज्ज्वला योजना के हैं। कर्मचारियों को घर-घर भेजने से कुछ मामलों में कनेक्शन धारक की मृत्यु या दूसरे प्रदेश में बसने की बात सामने आई। कंपनियां इन कनेक्शनों को बंद कर सकती हैं।
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कनेक्शन ट्रांसफर करने के बाद भी ये स्थिति
ये स्थिति तब है कि जब एजेंसी संचालकों ने सैकड़ों की संख्या में गैस कनेक्शन परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम ट्रांसफर किए हैं। जिन मामले में कनेक्शनधारक के वृद्ध होने के कारण फिंगर प्रिंट नहीं आ रहे थे। उनमें ये किया गया।
शहर में हजारों उपभोक्ताओं ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के कनेक्शन ले लिए हैं। ये ई-केवाईसी कराने नहीं आ रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में ऐसे कनेक्शन हैं जो परिवार के वृद्ध के नाम हैं और बेटे या बहू ने अपने नाम से नए कनेक्शन करा लिए हैं। उम्मीद है कि कंपनियां अंतिम तिथि बढ़ाएंगीं।
प्रकाश निधि गर्ग, मीडिया प्रभारी जिला गैस वितरक समिति
समय अवश्य लग रहा है, लेकिन उम्मीद है कि यदि कंपनियों की ओर से समय बढ़ाया जाएगा तो ई-केवाईसी कराने वालों की संख्या बढ़ेगी। राशनकार्ड धारकों की ई-केवाईसी के समय भी ऐसा हुआ था। एक समय लगा था कि 80 प्रतिशत से अधिक की ई-केवाईसी नहीं हो पाएगी, लेकिन अब 93 प्रतिशत हो गई है।
