जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: अखिल भारतीय सोहम महामंडल के तत्वावधान में रामलीला मैदान में चल रहे धार्मिक आयोजन में संतों ने भक्तों से क्षमाशील बनने का आह्वान किया। सोहम पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद ने कहा कि वर्तमान समय में भाग दौड़, अत्याचार, अपराध व भ्रष्टाचार भौतिक सुखों की प्राप्ति के लिए हो रही है। इससे क्रोध, प्रतिशोध, आतंकवाद व अनाचर पनप रहे हैं।

कार्यक्रम के पांचवे दिन मंगलवार को आध्यात्म पर चर्चा करते हुए पीठाधीश्वर ने कहा कि क्षमा एक ऐसा दिव्य गुण हैं। जो मनुष्य को ऊंचाई पर पहुंचा देता है। जब क्षमा अंदर से बाहर आने को लालायित होती है तो व्यक्ति अपनी बाहों को फैलाकर सामने वाले को गले लगा लेता है। मौजूदा समय में व्यक्ति आंतरिक भावों का पर्दा उतारकर बाहरी संसार में नाटक करने में लगा है। स्वामी शिव चैतन्य महाराज ने कहा कि जो मनुष्य परिवार में उदारता, दूसरों पर दया, दुर्जनों से दुष्टता, साधुओं से प्रेम, शत्रु से वीरता व विद्वानों के साथ सरलता से व्यवहार करने वाले की लोक मर्यादा सदैव रहती है। महामंडलेश्वर धर्मदेव शास्त्री ने भागवत पर चर्चा करते हुए कहा कि भागवत, गीता व महाभारत की महानता पूरे विश्व में मानी जाती है। भागवत गीता स्वंय भगवान की वाणी है। सच्चा ज्ञानी ध्यानी वही व्यक्ति है जो अपने माता पिता को देवतुल्य मानकर उनका सम्मान करता है। इससे पहले हुई भागवत कथा में आचार्य रामगोपाल शास्त्री ने माखनचोरी व गोवर्धन लीला का वर्णन किया। कहा कि भगवान कृष्ण सभी प्राणियों की आत्मा हैं। आचार्य ने बताया कि बुधवार को रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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