जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: सन 2016 में नगर निगम की अवैध वसूली के खिलाफ आवाज उठाने और साक्ष्य लेकर निगम पहुंचने वालों के साथ मारपीट का मामला फिर तूल पकड़ गया है। राज्यपाल तक पहुंची शिकायत के बाद जांच व कार्रवाई संबंधी आदेश को रद्दी की टोकरी में फेंकने वाले नगर विकास विभाग पर सूचना आयोग ने शिकंजा कसा है। प्रमुख सचिव को कार्रवाई की चेतावनी के साथ तलब किया है।

लोक नागरिक कल्याण समिति सचिव सतेंद्र जैन सौली के नेतृत्व में निगम में अवैध वसूली के खिलाफ आंदोलन हुआ था। कई दिन तक धरना चला। इसके बाद निगम अधिकारियों को साक्ष्य सौंपने के दौरान निगम कर्मियों ने सौली पर हमला बोल दिया। सौली को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, तो उल्टे सौली पर मुकदमे दर्ज करा दिए। राज्यपाल ने संज्ञान लेकर प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए, लेकिन नगर विकास विभाग ने कार्रवाई नहीं की। सौली ने सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी, तो सूचनाएं नहीं दी। इस पर सौली ने राज्य सूचना आयोग में अपील की। इस पर आयोग ने प्रमुख सचिव को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया, लेकिन नोटिस पर भी प्रमुख सचिव नहीं पहुंचे। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए दोबारा नोटिस भेज कर कहा है कि आठ जून को जनसूचना अधिकारी प्रमुख सचिव अवनीश कुमार ¨सह खुद उपस्थित होकर सूचनाएं दें और पूर्व में न आने के संबंध में स्पष्टीकरण दें। अन्यथा विभागीय कार्रवाई के साथ जुर्माना लगाया जाएगा।

Posted By: Jagran