जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद: जिले के डेढ़ सौ से अधिक कोल्ड स्टोर मालिकों को झटका लगा है। उन्हें अब लाइसेंस फीस के रूप में 20 हजार रुपये हर साल जिला पंचायत को देने होंगे। कोल्ड स्वामी शुल्क में वृद्धि के खिलाफ हाईकोर्ट गए थे, लेकिन वहां से उन्हें राहत नहीं मिली। अब उन्हें तीन साल का शुल्क एक साथ भरना होगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली व्यावसायिक गतिविधियों पर जिला पंचायत लाइसेंस शुल्क वसूलती है। 2001 तक कोल्ड स्टोरेज से प्रतिवर्ष एक हजार रुपये का शुल्क लिया जाता था, जिसे 2002 में बढ़ाकर पांच हजार रुपये कर दिया गया। जिला पंचायत ने 2016 में शुल्क बढ़ाकर 20 हजार रुपये करने का प्रस्ताव किया था, जो बोर्ड ने भी मंजूर कर लिया, लेकनि कोल्ड स्टोर स्वामी सहमत नहीं हुए। वे जिपं के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। कोल्ड स्वामियों का कहना था कि 20 हजार रुपये लाइसेंस फीस काफी अधिक है। इसे कम किया जाना चाहिए।

इस मामले में कई महीने सुनवाई चली इसके बाद कोर्ट ने फैसला जिपं के पक्ष में दिया। हाईकोर्ट ने साफ कर दिया कि जिपं को लाइसेंस फीस वसूलने और उसमें वृद्धि करने का अधिकार है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी आरबी मिश्र ने बताया कि पिछले साल 12 दिसंबर को कोर्ट का फैसला आने के बाद फीस वसूली की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब तक एक दर्जन कोल्ड स्टोर से शुल्क वसूला जा चुका है। प्रत्येक कोल्ड को पिछले तीन वर्षों का शुल्क 60 हजार रुपये जमा करना होगा।

रिपोर्ट--राजीव शर्मा

Posted By: Jagran

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