- शारदा अभियान के तहत परिषदीय स्कूलों में होगा दाखिला

- बीएसए ने डीपीआरओ से मांगी ऐसे सभी बच्चों की सूची संवाद सहयोगी, फीरोजाबाद: कोरोना महामारी के चलते दूसरे राज्यों से तमाम प्रवासी श्रमिक रोजाना अपने गांव लौटे रहे हैं। इनके सामने पेट भरने के साथ ही अपने बच्चों को पढ़ाने का संकट भी रहेगा। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग ने शारदा अभियान के तहत प्रवासी श्रमिकों के बच्चों का परिषदीय स्कूलों में दाखिला दिलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए बीएसए ने डीपीआरओ ने ऐसे बच्चों की सूची मांगी है। पूरा विश्व कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। परदेश में रह रहे श्रमिक मुसीबतों का सामना करते हुए अपने घरों तक पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 21 हजार से अधिक प्रवासी श्रमिक लौटे हैं। अब इनके सामने भविष्य की चिता है। बीएसए अरविद पाठक ने बताया कि 12 वर्ष तक के बच्चों की सूची मांगी है। अगर बच्चे की उम्र छह वर्ष है, तो उसे कक्षा एक में दाखिला दिया जाएगा। इसी आधार पर अन्य कक्षाओं में दाखिला लिया जाएगा। जिन बच्चों के पास पिछली कक्षा का प्रमाण पत्र एवं रिपोर्ट कार्ड होगा, तो उन्हें अगली कक्षा में दाखिला दिया जाएगा।

सत्र के बीच में छोड़ा स्कूल तब भी मिलेगा रिपोर्ट कार्ड

अगर किसी बच्चे ने सत्र के बीच में स्कूल आना छोड़ दिया तो भी उसे रिपोर्ट कार्ड (पढ़ाई के दौरान प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन कर) दिया जाएगा। ऐसे हर बच्चे को सर्वशिक्षा अभियान से संबंधित योजनाओं का लाभ मिलेगा। सभी बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म, एवं मिडडे मील का भी लाभ मिलेगा।

Posted By: Jagran

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