फीरोजाबाद, जेएनएन। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण बुधवार सुबह दम तोड़ने वाली भाजपा महिला पार्षद के बेटे ने स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पर संगीन आरोप लगाए हैं। कहा कि मंगलवार को जिस एम्बुलेंस से उन्हें सैफई भेजा गया उसमें ऑक्सीजन नहीं थी। विरोध करने पर एम्बुलेंस चालक ने छोटा सिलेंडर लगाया था। किसी को साथ नहीं जाने दिया गया। पार्षद पुत्र का कहना है कि उन्हें अब तक किसी अधिकारी ने मौत की जानकारी नहीं दी। पार्षद पुत्र का आरोप है कि लापरवाही ने मेरी मांं की जान ली है।

बता दें कि महिला पार्षद को दो दिन पहले सुबह घूमने जाने के दौरान बारिश में भीगने के कारण सर्दी हुई थी। उसके बाद उन्‍हें ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। सीएमएस डॉ आलोक शर्मा का कहना है कि एम्बुलेंस में एक्सट्रा सिलेंडर के साथ डॉक्टर को भी साथ भेजा गया था। सैफई से रात 11 बजे हमें सूचना मिली थी। परिवार को सुबह परिचित के जरिए खबर भेजी गई थी। बता दें कि महिला पार्षद की 31 मई की सुबह भर्ती होने के बाद से हालत गंभीर थी। सारे आरोप निराधार हैं।   मुहल्ला टीला निवासी महिला पार्षद को 31 मई की सुबह ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उन्हें तेज सर्दी और सांस लेने में परेशानी थी। मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ आलोक शर्मा के मुताबिक हालात बिगड़ने पर आइसीयू में भर्ती किया गया और इसके बाद उन्हें वेंटीलेटर लगाया गया। मंगलवार दोपहर पॉजिटिव आई रिपोर्ट के बाद दोपहर तीन बजे उन्हें सैफई रैफर किया गया था। देर रात 11 बजे वहां से उनकी मौत की सूचना आई थी। इधर सुबह तक शहर में महिला पार्षद की मौत की खबर लगते ही सनसनी फैल गई और नगर निगम में माहौल शोकाकुल हो गया। चार दिनों में दो महिला पार्षदों की मौत के बाद नगर निगम में दहशत बढ़ गई है। शाम लगभग पांच बजे सैफई से एम्बुलेंस से शव लाया गया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में कोरोना प्रोटोकॉल के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया। महिला पार्षद के निधन पर नगर निगम में शोकसभा का आयोजित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।

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