आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 155 Km की रफ्तार से दौड़ी दिल्ली की कार, इंटरसेप्टर ने भेजा चालान
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल ही में दिल्ली नंबर ...और पढ़ें

आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दिल्ली की किआ कार का चालान काटा गया।
नीलेश शर्मा, फिरोजाबाद। लखनऊ एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार दोपहर दिल्ली नंबर की किआ कार 155 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। ट्रैफिक पुलिस के इंटरसेप्टर को देखकर चालक ने गति कम करने के लिए ब्रेक लगाए। फिर भी इंटरसेप्टर में कार की रफ्तार 151 किलोमीटर प्रति घंटा रिकार्ड हो गई। ट्रैफिक पुलिस की ओर से कार का चालान किया गया है।
केस-दो
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को कार 140 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रही थी। ट्रैफिक पुलिस के इंटरसेप्टर वाहन को देखकर चालक ने तत्काल ब्रेक लगाकर स्पीड कम करने की कोशिश की। बावजूद इसके इंटरसेप्टर में कार की रफ्तार 134 किलोमीटर प्रति घंटा रिकार्ड हो गई।
केस-तीन
लखनऊ नंबर की कार लखनऊ एक्सप्रेसवे पर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती नजर आई। ट्रैफिक पुलिस के इंटरसेप्टर ने 57 ने तत्काल कार का चालान किया। इसी तरह दूसरी कार 132 किलोमीटर दौड़ती हुई इंटरसेप्टर में रिकार्ड हुई।
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार हादसों की वजह बन रही है। रफ्तार को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस औसतन 50 वाहनों के चालान प्रतिदिन काट रही है, बावजूद इसके वाहनों की रफ्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है। यहां कारों के लिए 120 किलोमीटर प्रतिघंटा निर्धारित की गई है। बावजूद इसके कार 160 किलोमीटर प्रति घंटा से दौड़ रही हैं।
चालान से बचने के लिए इंटरसेप्टर और स्पीडो मीटर को देखकर चालक रफ्तार कम कर लेते हैं। लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार को हुए सड़क हादसे में इटावा में तैनात जिला वन अधिकारी विकास नायक और उनके चालक की मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा भी यहां कई भीषण सड़क हादसे हो चुके हैं। हादसों की वजह वाहनों की तेज रफ्तार बन रही है।
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर कारों के लिए 120 तथा भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा गति सीमा निर्धारित है। एक्सप्रेसवे पर प्राइवेट बसें 100 से 120 तथा कारें 155 किलोमीटर प्रतिघंटा तक दौड़ती हैं। हादसे रोकने के लिए जगह-जगह स्पीडो मीटर लगाए गए हैं। परिवहन विभाग के साथ ही ट्रैफिक पुलिस इंटरसेप्टर से चालान करती है।
जिले की सीमा में ट्रैफिक पुलिस औसतन 50 चालान लखनऊ एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन काट रही है। बावजूद इसके रफ्तार पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। यातायात निरीक्षक महेश यादव ने बताया कि लखनऊ एक्सप्रेसवे पर अधिकांश चालान तेज रफ्तार के ही होते हैं। हादसे से बचने के लिए लोग यातायात नियमों का पालन करें। गति सीमा निर्धारित रखें।
लखनऊ एक्सप्रेसवे पर हुए प्रमुख हादसे
बीते वर्ष 25 अक्टूबर को रात 8.40 बजे कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य की कार नसीरपुर क्षेत्र में ट्रक से टकरा गई। हादसे में मंत्री बाल-बाल बचीं। वर्ष 2022 में चालक को झपकी आने से बस में सवार छह लोगों की मृत्यु हो गई थी।
मई 2026 में मटसेना थाना क्षेत्र में डंपर से एसी स्लीपर बस टकरा गई थी। हादसे में चालक और एक यात्री की जलकर मृत्यु हो गई थी। जून 2026 में नसीरपुर क्षेत्र में स्लीपर बस के ट्रक से टकराने के कारण पांच यात्रियों की मृत्यु हो गई थी। इसके साथ ही 40 लोग घायल हो गए थे।
