फीरोजाबाद, जागरण संवाददाता। चूड़ी जुड़ाई श्रमिकों की हड़ताल के बाद अब कांच कारखानों में भी श्रमिक मुखर हो गए हैं। वे मजदूरी और सुविधाओं में बढ़ोत्तरी की मांग कर रहे हैं। बुधवार दोपहर तीन कारखानों में काम करने वाले दो हजार से अधिक श्रमिक हड़ताल पर चले गए। उनका कहना है कि न तो मजदूरी बढ़ाई जा रही है न ही सुविधाओं पर ध्यान दिया जा रहा है।

पिछले नौ दिन से चूड़ी जुड़ाई श्रमिक न्यूनतम मजदूरी को लेकर हड़ताल पर हैं। सेवायोजक करोड़ों रुपये का नुकसान झेल रहे हैं। सोमवार को जगदम्बा एवं अलंकार ग्लास समेत तीन कारखानों में काम करने वाले श्रमिकों ने हड़ताल कर दी। राजा का ताल चौराहे पर एकत्रित हुए श्रमिकों का कहना है कि अकुशल श्रमिकों को प्रतिदिन 220 रुपये के स्थान पर 200 रुपये का भुगतान किया जाता है। 20 रुपये ठेकेदार ले लेता है। कुशल श्रमिकों को प्रतिदिन 350 रुपये दिए जाते हैं। पिछले दो वर्ष से अकुशल एवं कुशल श्रमिकों के रुपये नहीं बढ़ाए गए हैं।

इसके अलावा किसी भी कारखाने में श्रमिकों के लिए बैठने, शौचालय, स्वच्छ पानी की व्यवस्था नहीं है। इस संबंध में कई बार अवगत कराया, लेकिन मालिकों ने गंभीरता से नहीं लिया है। इस दौरान कन्हैया, संजीवन, अजय, दिलावर, कुलदीप, गगन, रहमत अली, संजय, विनोद, राजेंद्र, हरेंद्र, राकेश, सर्वेश, मंगल सिंह, रामपाल, अरविद, ओमप्रकाश, धर्मपाल, राजू यादव, रामप्रकाश, आशीष, टिकू, बबलू, प्रदीप, सोनू सहित अन्य श्रमिकों ने रोष व्यक्त किया है। जगदम्बा ग्लास के प्रमोद गर्ग का कहना है श्रमिक अचानक हड़ताल पर चले गए। एक दर्जन ब्लोइंग कारखानों में काम बंद पड़ा है। इस संबंध में सहायक श्रमायुक्त को सूचना दे दी गई है।

Posted By: Jagran

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