जागरण संवाददाता, फीरोजाबाद : बड़े-बड़े प्रोजेक्ट। 20 से 25 लाख की कार्य योजना, मगर काम की एबीसीडी से भी अनजान। कई तो यह भी नहीं बता सके आखिर मशीनें कौन-कौन सी लगेंगी। सवालों के जवाब पर महिलाएं तो महिलाएं पुरुष भी चुप्पी साध गए। ऐसे में अधिकारी भी क्या करते? आखिर 162 प्रोजेक्ट कागजों में ही फेल हो गए। जिला उद्योग केंद्र में हुए साक्षात्कार में अधिकारियों ने इतनी फाइलों को रिजेक्ट कर दिया। शुक्रवार को 218 अभ्यर्थी बुलाए गए थे, इनमें से मात्र 30 अभ्यर्थियों के प्रोजेक्ट को विभाग की स्वीकृति मिली।

शुक्रवार को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत जिला उद्योग केंद्र में साक्षात्कार था। इसमें कई अभ्यर्थी तो ऐसे पहुंचे, जो जिस कारोबार के लिए ऋण मांग रहे थे, उसकी एबीसीडी तक पता नहीं थी। फर्नीचर के काम के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी से जब मीटर एवं सेंटीमीटर के संबंध में पूछा तो कोई जवाब नहीं दे सका। एक मीटर में कितने सेंटीमीटर पर भी चुप्पी साध गया। कुछ यही हाल लोहे के काम के लिए आने वाले आवेदन पर हुआ। गेज के संबंध में अभ्यर्थी को कुछ पता नहीं था। वहीं कई महिलाओं ने ऋण के लिए आवेदन किया था, लेकिन जब बात काम की जानकारी संबंध में आई तो महिलाएं पतियों की तरफ देखने लगी। इंटर लॉ¨कग ब्रिक्स के लिए ऋण मांगने वाली अभ्यर्थी ईंटों के संबंध में कुछ नहीं बता पाई तो आटा चक्की के लिए 25 लाख मांगने वाली महिला गेहूं की रेट एवं मशीनों पर ही अटक गई। अधिकारी भी आवेदकों की जानकारी को देख कर दंग रह गए। फाइलों में तो सीए से बनवाई गई मोटी-मोटी प्रोजेक्ट रिपोर्ट थी, लेकिन हकीकत में अभ्यर्थी कुछ नहीं जानते थे। साक्षात्कार में उपायुक्त उद्योग शरद टंडन के साथ में एलडीएम एसके खंडेलवाल, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी राकेश एवं राजेश के साथ में पॉलीटैक्निक कॉलेजों के प्रधानाचार्य भी मौजूद थे।

ऋण की खातिर कारोबारी भी बन बैठे थे बेरोजगार :

ऋण पाने वालों की कतार में कई कारोबारी भी थे, जिन्होंने खुद को बेरोजगार दर्शाया था। खोया एवं पनीर के लिए ऋण मांगने के लिए पहुंचे अभ्यर्थी पर अधिकारियों ने सवाल दागे तो मुंह से निकल गया कि उसका मेडिकल स्टोर चल रहा है। इस तरह के कई आवेदक आए। जिन्हें पहले से रोजगार से जुड़े होने के कारण रिजेक्ट कर दिया गया।

लगाई फर्जी अंकतालिका, नहीं बता पाए उम्र : कई लोगों ने ऋण पाने के लिए फर्जी अंकतालिका का प्रयोग किया। हाथ की बनी हुई कक्षा आठ की अंकतालिकाओं के साथ आवेदन करने वाले इन अभ्यर्थियों की चालाकी भी अधिकारियों ने पकड़ ली। उम्र पूछने पर कई अभ्यर्थी अपनी सही डेट ऑफ बर्थ नहीं बता पाए तो कई अभ्यर्थियों की अंकतालिका में ओवर राइ¨टग ने फर्जीवाड़े की पोल खोल दी। इन्हें भविष्य में इस तरह का फर्जीवाड़ा नहीं करने की सख्त हिदायत दी।

Posted By: Jagran

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