जागरण संवाददाता, फतेहपुर : किशोरी से दुष्कर्म बाद उसका मतांतरण करवाकर निकाह करने के मामले में गुरुवार को न्यायालय में पीड़िता के 164 के बयान दर्ज कराए। फिर पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति में पेश कर मां-भाई के सिपुर्द कर दिया। इससे पीड़िता स्वजन संग इटावा जिले के लिए रवाना हो गई। उधर, आकांक्षा नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने सीज करने की तैयारी शुरू कर नोटिस चस्पा कर दी है।

बता दें कि बुधवार को देर शाम मेडिकल परीक्षण होने के बाद पीड़िता को पुलिस सदर कोतवाली ले आई। वहां पर महिला उपनिरीक्षक आशा सचान और दो महिला कांस्टेबल की देखरेख में उसे महिला हेल्प डेस्क कक्ष में रखा गया। यहां बाथरूम, बिस्तर और कूलर हर सुविधा की व्यवस्था थी। रात को पीड़िता का भाई उसे लिवाने कोतवाली पहुंचा, लेकिन पुलिस ने कोर्ट में बयान दर्ज होने तक जाने से मना कर दिया। इस पर पीड़िता ने 1090 में काल कर कोतवाली पुलिस की शिकायत दर्ज करा दी। इससे विभाग में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, महिला पुलिस के समझाने पर पीड़िता शांत हो गई। वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रभूनाथ यादव ने बताया कि अन्य युवतियों के मतांतरण होने के संदेह पर संचालक के स्वजन से पूछताछ के लिए पुलिस उनके घर गई तो वह घर पर ताला लगाकर फरार हैं।

स्वजन, झोलाछाप और मौलवी की तलाश

जेल गए आकांक्षा नर्सिंग होम के संचालक मो. जुनैद खान के पार्टनर के साथ उसके स्वजन, मतांतरण कराने वाले मौलवी के साथ निकाह में गवाही देने वाला एक डाक्टर की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। इसी के साथ उक्त नर्सिंग होम में एक झोलाछाप मरीजों का आपरेशन करने आता था, उसकी तलाश भी पुलिस कर रही है, बताते हैं कि ये सभी जिले से फरार हो गए हैं।

किशोरियों के मतांतरण में माहिर था मो. जुैनद

पुलिस की पूछताछ में शातिर मो. जुनैद खान ने अपने को गोरखपुर से बीएमएस से डिग्री लेना बताया था। हालांकि, अभी पुलिस उसकी बातों को नजरअंदाज कर जांच की बात कह रही है। जेल गया मो. जुनैद किशोरियों को मकड़जाल में फंसाकर उनका मतांतरण कराने में माहिर था। चर्चा रही कि वर्ष 2014 में भी इसके खिलाफ एक युवती ने ऐसी ही शिकायत किया था लेकिन सुलह समझौता में मामले का पटाक्षेप हो गया था। इसके बाद हिदू किशोरियों को नर्सिंग होम में बतौर स्टाफ नर्स भी रखे था।

डा. एसपी जौहरी और डा. इश्तियाक के नेतृत्व में जीटी रोड खेलदार स्थित आकांक्षा नर्सिंग होम की जांच कराई गई तो नर्सिंग होम का रजिस्ट्रेशन नहीं था जिस पर बंद नर्सिंग होम में नोटिस चस्पा कर दी गई है यदि नोटिस का जवाब तीन दिनों में नहीं मिला तो सीज कर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी।

- राजेंद्र सिंह, सीएमओ।

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