संवाद सूत्र, हुसेनगंज : ओझापुर गांव में गोड़िया (कहार) बिरादरी के चार परिवारों ने हिस्ट्रीशीटर की दहशत से एक दिन पहले गांव छोड़ दिया था। सोमवार को एसडीएम सदर प्रमोद झा और सीओ सिटी संजय सिंह पुलिस कर्मियों के साथ गांव पहुंचे। इस गुलरिहा तालाब को लेकर विवाद है उसका मौका मुआयना किया। रायबरेली जा चुके परिवारों से दूरभाष पर बात की और वापस आकर रहने की बात कही। अफसरों ने कहा, उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी, लेकिन पीड़ित पुन: गांव आने को तैयार नहीं हुए हैं।

एसडीएम और सीओ ने पीड़ित उमांशकर से दूरभाष पर बात की, भरोसा दिया कि वह वापस अपने गांव आएं और रहें। अगर उन्हें कोई परेशान करता है, या धमकाता है तो उन्हें बताएं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई होगी। पीड़ित ने कहा कि गांव के हिस्ट्रीशटर ननकू व कुछ अन्य ने उन्हें धमकाया है, अगर वह गांव आए तो उनकी जान का खतरा है। उन्होंने सरेनी थाने के खजूर गांव में विधायक कोठी के पीछे अपना डेरा डाल लिया है। फिलहाल वह यहीं रहेंगे। बता दें कि उमाशंकर व उनके बेटों का परिवार ओझापुर में रहता था, और 1994 से गांव के ही गुलरिहा तालाब में मत्स्य पालन व सिघाड़ा उत्पादन कर जीविका चला रहा था। गांव के हिस्ट्रीशीटर ननकू से विवाद होने के बाद उमाशंकर ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस उस मामले में कुछ खास नहीं कर सकी और पुन: दोबारा विवाद हो गया। उधर एसडीएम व सीओ ने कहा कि पीड़ित को पूर्ण सुरक्षा देने की बात कही गई है। पीड़ित परिवारों ने भी भरोसा दिया है कि वह जल्द ही गांव में पुन: आएंगे।

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