मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, फतेहपुर : यमुना के कोर्रा मौरंग खदान में ग्रामीण व संचालक के बीच खदान शुरू होने से ही रार छिड़ी हुई है। इसके पहले भी खेतों में अवैध खनन का आरोप लगाकर ग्रामीणों ने खनन बंद कराया था। जेसीबी व पोकलैंड मशीनों की धमाचौकड़ी से किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं, किसान इसके लिए संचालक पर मुआवजा देने का दबाव भी बना रहे है। बुधवार रात फसल के बीच में पोकलैंड खड़ी करने के विरोध करने पर ही आगजनी व फाय¨रग की घटना हुई।

ललौली थाना क्षेत्र के कोर्रा खदान में कोर्रा व ओनई गांव के किसानों की जमीन है। बताते है कि खनन क्षेत्र में भी भूमिधरी जमीन का विवाद किसानों व संचालक के बीच चल रहा है। बुधवार को ओवरलोडिंग ट्रकों की धड़-पकड़ का प्रशासन ने अभियान चलाया था, संचालन में लगे लोग मशीनों को छिपाने के लिए पोकलैंड मशीन खेतों में फसल के बीच खड़ी कर दी। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने धावा बोलकर पोकलैंड मशीन में तोड़फोड़ करने लगे। इसके बाद फाय¨रग की घटना होने से गांव में दहशत फैल गई। हलांकि पुलिस पहले इस मामले को पेशबंदी मानकर कार्रवाई से बचती रही लेकिन देर रात ग्रामीणों पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया। ग्रामीणों का कहना है कि संचालक ने विरोध कर रहे लोगों को फंसाने के लिए झोपड़ी में खुद आगजनी की है। एसडीएम को सौंपी जांच

डीएम आंजनेय कुमार ¨सह ने आगजनी व फाय¨रग की घटना को संदिग्ध मानते हुए मामले की जांच एसडीएम व सीओ को सौँपते हुए तीन दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी है।

सात ग्रामीणों पर मुकदमा

कोर्रा-4 मजरे ओनई में स्थित मौरंग खादान के मुनीम जीत ¨सह पुत्र रजवंत ¨सह -महना थाना ललौली की तहरीर पर इलाकाई पुलिस ने आरोपित ग्रामीण भीम ¨सह, रोहित उर्फ फप्फड़, राजकुमार उर्फ छोटकवा-ओनई व चार अज्ञात के खिलाफ बंधक बनाकर गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगाने एवं मारपीट कर धमकी देने का मुकदमा कायम किया है। हालांकि दूसरे पक्ष से कोई तहरीर नहीं आई है। थानाध्यक्ष राजेश मौर्य का कहना था कि गोलीबारी नहीं हुई है। ओनई गांव के कुछ लोगों ने पुआल में आग लगा दी थी, तनाव जैसी कोई बात नहीं है। मुकदमें की विवेचना दतौली चौकी इंचार्ज प्रेमपाल यादव कर रहे हैं।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप