जागरण संवाददाता, फतेहपुर : उत्तर मध्य रेलवे बोर्ड प्रयागराज के निर्देश पर रेलवे ट्रैक पर घूमने वाले पशुओं पर आरपीएफ ने लगाम लगाना शुरू कर दिया है। कनवार से प्रेमपुर तक जवानों की टीमें लगा दी गई हैं जो गांव-गांव जाकर पशुपालकों को समझा रही है कि वह पशुओं को रेलवे पटरी के किनारे न छोड़ें। अन्यथा जानबूझ कर ट्रेन में सवार यात्रियों की जान जोखिम में डालने और सरकारी संपत्ति क्षति करने का मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

बता दें कि विगत छह महीने में सदर कोतवाली के शादीपुर, मलवां थाने के कुरस्तीकलां, खागा कातवाली के सतनरैनी, बिदकी रोड चौडगरा के समीप पांच बार पशुओं से ट्रेन टकरा चुकी है। इससे ट्रेनों का इंजन क्षतिग्रस्त होने से रेलवे को सरकारी संपत्ति का नुकसान भी हुआ था। इस पर उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज बोर्ड ने गांव-गांव भ्रमण कर ग्रामीणों को पशुओं को रेलवे ट्रैक के किनारे न छोड़ने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को टीम कर रही जागरूक

आरपीएफ की सीमा कनवार से प्रेमपुर तक पड़ने वाले रेलवे स्टेशन खागा, सतनरैनी, फैलुल्लापुर, रमवां, शादीपुर, कुरस्तीकलां, मलवां, चौडगरा रोड बिदकी, औंग आदि जगहों पर पुलिस गांव-गांव जाकर भ्रमण कर ग्रामीणों व पशुपालकों के बीच इस बात का संदेश दे रही है कि वह पशुओं को खुला न छोड़ें और चराने के लिए जाएं तो साथ में जाएं। ग्रामीण बोले-पशुओं को नहीं छोड़ेंगे

सीमा क्षेत्र के दुर्गा मंदिर के समीप, शादीपुर, सूबेदार का पुरवा, बड़ागांव, कुरस्तीकला, फैजुल्लापुर, रमवां के पशुपालकों प्रेम सिंह, जितेंद्र सिंह, कैलाश सिंह, रामखेलावन सिंह, संग्राम सिंह, उदयराज सिंह, संदीप कुशवाहा, संकठा प्रसाद, आशीष आदि ने लिखकर रेलवे पुलिस को दिया है कि वह अब पशुओं को खुला नहीं छोड़ेंगे। इससे रेलवे की सुरक्षा सरंक्षा बनी रहेगी। रेलवे बोर्ड के निर्देश पर 30 जून तक वृहद रूप से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाने के बाद भी यदि पशुपालकों ने पशुओं को रेलवे ट्रैक के पास पास छोड़ा तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।

प्रवीण सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर

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