जागरण संवाददाता, फतेहपुर: किसानों की आय बढ़ाने के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर कृषि कार्यालय से लेकर तहसीलों तक में काम शुरू हो गया। प्रशासन ने रुख साफ करते हुए स्पष्ट किया है अपात्र घोषित किसान किसी भी दशा में लाभार्थी नहीं बन पाएंगे। अगर कोई किसान तथ्य छिपाकर योजना का लाभ ले भी लेता है लाभार्थी किसान या उसके परिवार से राजस्व नियमों के तहत आरसी जारी करके लाभ की रकम सरकार के पक्ष में वसूल करते हुए सरकारी खजाने में जमा की जाएगी।

प्रत्येक दशा में गांव स्तर पर दो हेक्टेयर तक के उन किसानों को लाभार्थी बनाया जो कृषि के अलावा अन्य किसी पेशे में पंजीकृत नहीं है। इस सूची के आधार पर ही किसान को वर्ष में छह हजार का लाभ दिया जाएगा। उप निदेशक कृषि प्रसार एके पाठक के अनुसार गांव स्तर पर तीन कर्मचारियों की टीम रहेगी जिसमें कृषि, राजस्व व विकास विभाग के कर्मचारी रहेंगे। जिन किसानों का कृषि विभाग में पंजीयन है उनके घर जाकर खाता नंबर, आधार कार्ड और भूमि का सत्यापन करेंगे। लाभार्थी किसान से पात्रता का शपथ पत्र लिया जाएगा। कृषि वेबसाइट में पंजीकरण अनिवार्य नहीं

किसानों के बीच संशय है कि अगर कृषि विभाग के वेबसाइट में आठ फरवरी के पहले पंजीकरण नहीं तो उन्हें लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। उपनिदेशक कृषि प्रसार एके पाठक ने स्पष्ट किया कि लाभ पाने के लिए वेबसाइट में पंजीयन अनिवार्य नहीं है। चूंकि गांव स्तर पर जब राजस्व व कृषि कर्मचारी जाएंगे तो गांव में लाभार्थी किसानों की दो सूचियां बनेगी। पहली सूची में उन किसानों को रखा जाएगा जिनका पंजीयन कृषि वेबसाइट में है, दूसरी सूची में उन्हें रखा जाएगा जिनके पंजीयन नहीं है। तीनों तहसीलों में पहुंची पंजीकृत सूचियां

बुधवार को उप निदेशक कृषि कार्यालय में 18 कंप्यूटर लगाकर जिले भर के पंजीकृत 3.61 लाख किसानों के पंजीकरण फार्म निकालकर तहसीलवार सूचियां तैयार की गई। दोपहर बाद इन सूचियों को खागा, ¨बदकी और सदर तहसील में तहसीलदारों को सुपुर्द कर दी गयी। गुरुवार से इन पंजीकरण फार्मों के जरिए लेखपाल, कृषि कर्मचारी गांव वार किसानों का सत्यापन करेंगे।

Posted By: Jagran

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