जागरण संवाददाता, फतेहपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक सितंबर से चल रहे मतदाता सत्यापन कार्यक्रम में जिले की बेहद खराब स्थिति है, गत दिनों वीडियो कांफ्रेसिंग में जनपद की किरकिरी होने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी संजीव सिंह ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई कर दी। मतदाता सत्यापन कार्य में रुचि न लेंगे पर उन्होंने तीनों तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों समेत 42 अफसरों का वेतन निकालने पर रोक लगा दी। वहीं 437 बूथों में अब तक सत्यापन कार्य न शुरू करने और 413 बूथों में दस से कम मतदाताओं का सत्यापन करने वाले बीएलओ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश जारी कर दिया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एक सितंबर को प्रारंभ हुए मतदाता सत्यापन कार्य को 10 अक्टूबर तक पूरा करना था। कार्यक्रम के तहत जिले के सभी 1835251 मतदाताओं का सत्यापन किया जाना था, लेकिन जिले में अब तक मात्र 12.23 फीसद अर्थात 224380 मतदाताओं का ही सत्यापन किया जा सका है। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर उक्त कार्य पर जिम्मेदार अफसरों ने रुचि नहीं ली, जिसके कारण बूथ स्तर पर बीएलओ भी बेफ्रिक रहे। ऐसे में अफसरों का वेतन तब तक नहीं दिया जाएगा, जब तक वह काम पूरा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने खुद दिशा निर्देश जारी किए थे, जिसमें बूथ लेबिल आफीसर अर्थात बीएलओ को इस अहम काम को पूरी जिम्मेदारी से पूरा करने की बात कही गयी थी। उपजिला अधिकारी व तहसीलदार अगले तीन दिन में बीएलओ व सुपरवाइजरों को चिन्हित कर कार्रवाई करेंगे। जिन संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने की संस्तुति की जाएगी उनकी सेवाएं भी समाप्त की जाएगी। मतदाता सत्यापन की स्थिति वाले बूथों पर नजर

विधानसभा सत्यापन शून्य 10 से कम सत्यापन

जहानाबाद 71 54

बिदकी 51 113

सदर 110 76

अयाहशाह 78 68

हुसेनगंज 67 63

खागा 50 29

कुल 437 413

Posted By: Jagran

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