जागरण संवाददाता, फतेहपुर : यमुना के भूखंडों में एक अक्टूबर से खनन शुरू करने की तैयारी में जुटे संचालकों को बारिश ने तगड़ा झटका दिया है। खनन के आवंटित क्षेत्र में पानी भरा होने से फिलहाल तय समय से खनन कराना संभव नहीं है। एक माह तक मौरंग न आने से डंप वाली मौरंग के दामों में उछाल आ गया है। खनन का समय बढ़ने से विभाग को भी राजस्व की चपत लगेगी।

यमुना नदी में मौरंग खनन के लिए आवंटित भूखंडों में रानीपुर के भूखंड संख्या 2 व 3 सलेमपुर, गढीवा मक्षिगवां 2, अढ़ावल 10, ओती 9 में एक जुलाई से खनन पर रोक लगा दी गई थी। एक अक्टूबर से खनन शुरू करने के शासन के निर्देश तो है लेकिन बारिश के कारण भूखंडों में पानी भरा हुआ है। यह था कि यमुना का पानी तेजी से कम होता जा रहा है और पंद्रह अक्टूबर से खनन शुरू हो जाएगा, लेकिन 22 सितंबर से शुरू हुई बारिश ने खनन की तैयारियों पर विराम लगा दिया है।

विकास कार्य ठिठके

डंप की मौरंग महंगी होने के कारण सरकारी के साथ निजी निर्माण कार्य लोगों ने इस उद्देश्य से रोक दिया था कि अक्टूबर से खनन चालू हो जाने पर मौरंग के दाम गिर जाएंगे। खनन की उम्मीद टलने से महंगाई के चलते आशियाना निर्माण का कार्य ठिठक गया है। सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाले शौचालयों, पीएम आवास, बिल्डिग निर्माण का कार्य भी आगे बढ़ा दिया है। डंप से पांच हजार रुपये में सौ फिट मिलने वाली मौरंग के भाव अचानक एक हजार रुपये प्रति सौ फिट बढ़ा दिए गए हैं।

चार नए भूखंडों को मिली हरी झंडी

मौरंग खनन के लिए यमुना के चार भूखंडों में खनन की और हरी झंडी मिल गई है। इस समय छह भूखंड खनन के लिए आवंटित है। खाली चल रहे गढ़ीवा मक्षिगवां के भूखंड तीन, अढ़ावल के भूखंड एक, दो व 11 का आवंटन कर दिया गया है। पर्यावरण की एनओसी मिल जाने के बाद आवंटी घाट संचालन की तैयारियों में लग गए है।

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बाढ़ का पानी न सिमट पाने से एक अक्टूबर से खनन शुरू नहीं हो पाएगा। इस दौरान मौरंग के दाम नियंत्रित रखने के लिए डंप संचालकों से स्टाक व रेट की जानकारी मांगी गई है। नवंबर से जिले में छह की जगह 10 भूखंडों में खनन होगा, इसकी औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। मिथिलेश पांडेय, जिला खनन अधिकारी

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