जागरण संवाददाता, फतेहपुर : 38 गोशालाओं में रह रहे 5720 गोवंश को कुपोषण से बचाने को अब हर गोशाला में हरे चारे का मुकम्मल इंतजाम होगा। हर गोशाला में 10 से 20 बीघे नेपियर घास हरे चारे के रूप में उगाई जाएगी। बुधवार को 11 गोशालाओं में घास की बुआई कर डीएम अपूर्वा दुबे व सीडीओ सत्य प्रकाश ने इसकी शुरूआत की। डीएम ने यह भी तय किया कि हर गोशाला के दो किलोमीटर के दायरे में श्रेणी-3, ग्राम समाज, पशुचर की जमीने चिह्नित होंगी, जिनमें चारा उगाया जाएगा।

दरअसल, नेपियर घास की खासियत है कि यह बुआई के 30 से 40 दिन में काटने लायक तैयार हो जाती है। एक बुआई के बाद पूरे साल इसे एक तरफ से काटा जाता तो दूसरी तरफ से यह पुन: उगने लगती है। सलेमाबाद गोशाला में करीब सात बीघे में घास की बुआई करके डीएम ने शुभारंभ किया। उधर, जिले की 11 गोशालाओं में जिला स्तरीय अफसरों की निगरानी में करीब 80 बीघे क्षेत्र फल में नेपियर घास की जड़ (गांठ) लगाई गई। बारिश के मौसम में इस घास को कोई खास सिचाई की जरूरत नहीं होती है, लेकिन गर्मी के मौसम में इसे पानी गोशाला के ही ट्यूबवेल से दिया जाएगा। डीएम-सीडीओ के साथ पशु मुख्य चिकित्सा अधिकारी एसके तिवारी, बीडीओ निधि बंसल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मनरेगा उसे उठेगा खर्च, नियमित निगरानी

गोशालाओं में नेपियर घास तैयार करने के लिए मनरेगा की पूंजी खर्च की जाएगी। खेतों की जुताई व बीज की खरीदारी आदि मनरेगा मद से ही की जाएगी। व्यवस्था किसी भी दशा में चरमारे न इसके लिए ब्लाक स्तर पर हर 15 दिन में निगरानी बैठक और जिले स्तर पर एक माह में बैठक होगी। इसमें खर्च, चारे की व्यवस्था आदि पर चर्चा होगी। किस गोशाला में कितनी लगी नेपियर घास

गोशाला------------------नेपियर घास लगी

सलेमाबाद----------------1.00 हेक्टेयर

रारा----------------------2.00 हेक्टेयर

विक्रमपुर--------------1.20 हेक्टेयर

देवारा-----------------0.0150 हेक्टेयर

बिछियावां-----------2.890 हेक्टेयर

अंजना भैरव-------1.500 हेक्टेयर

नसेनिया-------------1.890 हेक्टेयर

भेवली--------------1.820 हेक्टेयर

शिवराजपुर--------1.580 हेक्टेयर

संवत-------------0.250 हेक्टेयर

त्योंजा-----------0.500 हेक्टेयर डीएम अपूर्वा दुबे ने कहा, गोशाला के पशुओं को पूरे वर्ष हरा चारा देने की योजना बनाई है। बुधवार को 11 गोशालाओं में करीब 80 बीघे नेपियर घास की बुआई हो गई है। जल्द ही हर गोशाला में 10 से 20 बीघे घास की बुआई पूरी कराई जाएगी। गोशाला के आसपास की सरकारी जमीने भी खाली कराकर चारा के लिए सुरक्षित की जाएंगी।

Edited By: Jagran