संवाद सूत्र, चौडगरा: बुलंद हौसलों वाली बेटी के बड़े अरमान हैं। महज 11 बरस की उम्र में पिता के फैसले के खिलाफ खड़ी होने वाली बेटी लक्ष्मी के साहस ने एक बड़ी लकीर खींच दी है। बहादुर बेटी को मामा का सहारा मिला तो उसके सपनों को जैसे पंख मिल गए। वह शिक्षिका बनकर समाज को शिक्षा व संस्कार की सीख देने की तमन्ना संजोए हैं।

कल्यानपुर थाने के गंगा कटरी के किनारे बसे पुरानी कटरी गांव में 11 वर्ष की उम्र में शादी करने का विरोध करने वाली लक्ष्मी के हौसले से पूरा इलाका गौरवान्वित महसूस कर रहा है। गांव में उससे मिलने के लिए लोग पहुंचे, हालांकि फिलहाल उसका पता बदल चुका है। फैसले के खिलाफ परिजनों में गुस्सा होगा, इससे बचने के लिए छात्रा ने ननिहाल में मामा के यहां शरण ले रखी है। सोमवार को लक्ष्मी से मुलाकात के लिए जब पुरानी कटरी स्थित उसके घर पहुंचे, तो परिजन यह बताने को तैयार नहीं थे कि छात्रा कहां हैं? काफी प्रयास के बाद पता चला कि थाने से वापस लौटने के बाद छात्रा मामा कन्हैया लाल के साथ ननिहाल कल्यानपुर थाने के दलाखेड़ा चली गई है। ननिहाल में छात्रा से मुलाकात हुई। अब उसके चेहरे पर दहशत को आसानी से पढ़ा जा सकता था। पूछने पर डरी सहमी धीमी आवाज में बोली पढ़कर टीचर बनना चाहती है। गांव लौटने के बारे में पूछे जाने पर कहा बप्पा (पिता) सूरज भान निषाद व अम्मा (मां) सुशीला देवी दोनों बुला रहे हैं। कहत रहंय अब आ जाओ, जितना पढि़हव पढ़इबे। बिना मर्जी के शादी न करिबे। छात्रा अब भी असमंजस की स्थिति में है। समझ नहीं पा रही माता-पिता के पास गांव जाय या न जाए। छात्रा के मामा कन्हैया लाल निषाद ने कहा छात्रा अगर माता-पिता के पास जाना चाहेगी, तो जाए। नहीं जाना चाहती तो उसे अपने पास रखेंगे। थाने से आने के बाद से डरी हुई थी। इस कारण अपने यहां ले आए हैं। वर्तमान में सद्गुरु आश्रम दूधीकगार में छात्रा पड़ रही थी। विद्यालय के प्रधानाचार्य स्वयंवर सिंह ने कहा कि बहादुर बेटी को विद्यालय में निश्शुल्क शिक्षा दी जाएगी, साथ ही माता-पिता को भी प्रेरित करेंगे कि वे अपनी बेटी की पढ़ाई कतई न रोकें।

बेहतर शिक्षा का करेंगे प्रबंध

'छात्रा लक्ष्मी की शिक्षा का बेहतर प्रबंध करेंगे। साथ ही माता-पिता को भी समझाएंगे कि बेटी की पढ़ाई प्रभावित न करें। जरूरत पड़ी तो मध्य सत्र में ही उसे उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान में प्रवेश दिलाएंगे। अगले सत्र में आवासीय विद्यालय में प्रवेश दिलवाकर निश्शुल्क शिक्षा के साथ अन्य व्यवस्थाएं भी देंगे।'

- शिवेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

समाजसेवी भी आए आगे

बहादुर बेटी लक्ष्मी की मदद के लिए समाजसेवियों ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाए हैं। फतेहपुर विकास मंच के देवेंद्र श्रीवास्तव व गंगा बचाओ सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र शरन सिपल ने कहा कि हरसंभव मदद की जाएगी। जरूरत पड़ी तो शासन-प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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