जागरण संवाददाता, फतेहपुर : 30 जून से बंद हो रहे मौरंग खनन को लेकर मौरंग व्यवसाइयों ने डंप से करोड़ों की कमाई का ताना-बाना तैयार कर लिया है। जिले के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रुप से मौरंग भी बड़े पैमाने पर डंप की जा रही है। बुधवार को एडीएम वित्त एवं राजस्व लालता प्रसाद शाक्य ने बैठक करके पट्टा धारकों व डंप लाइसेंसियों को खरी-खरी सुनाई। बोले भंडारण नियम व मानक टूटे तो मौरंग डंप सीज होगा और जब्त मौरंग की नीलामी की जाएगी।

विकास भवन सभागार में एडीएम ने 34 डंप लाइसेंसियों और 11 मौरंग खनन पट्टा धारकों के साथ बैठक की। बैठक दौरान खनिज इंस्पेक्टर अजीत पांडेय भी मौजूद रहे। पट्टा धारकों को डंप लाइसेंसियों को नियम और मानक का पाठ पढ़ाया गया। साथ ही चेतावनी भी दी गई कि अगर वह गलत करते है तो इसके लिए वह स्वयं उत्तर होंगे। बता दें कि बैठक से पहले ही प्रशासन ने लेखपालों से रिपोर्ट मंगाकर जगह-जगह डंप हो रही मौरंग के बारे में जानकारी जुटा ली है। भंडारण का एक मात्र लाइसेंस है लेकिन लाइसेंसियों ने डंप कई जगह लगा रखे हैं। यह राजस्व की चोरी भी है। प्रशासन की सख्त बैठक के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि जो चोरी छिपे मौरंग डंप कर रहे हैं वह भी लाइसेंस जरूर लेंगे। एडीएम ने यह स्पष्ट किया कि केवल खनिज विभाग ही नहीं बल्कि अन्य विभागों के अफसर लगाकर मौरंग के डंपों की जांच कराई जाए ताकि हकीकत सामने आ सके। बैठक दौरान भंडारण लाइसेंसी और पट्टा धारकों को बात भी रखी और समय पर लाइसेंस देने की बात कही।

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