संवाद सूत्र, गाजीपुर (फतेहपुर) : 35 साल बाद लौटे बगानी की अगवानी व स्वागत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को बगानी नए कलेवर में दिखाई पड़ा। भोपाल से जब लौटा तो बड़ी-बड़ी दाढ़ी व मूछ थी, जो मंगलवार को क्लीन सेव नजर आया। क्षेत्रीय लोग बगानी की अगवानी का कोई अवसर नहीं छोड़ना चाहते, तभी तो बाकायदा भांगड़े की धुन में क्षेत्र के मुअज्जिज लोगों के साथ बगानी ने पूरे गांव का भ्रमण किया, इस दौरान गांव में जगह-जगह महिला, पुरुष बच्चों ने बगानी का स्वागत किया।

मंगलवार की सुबह बगानी ने नए कलेवर के साथ नए कपड़े पहने। इस दौरान बच्चों, बुजुर्गों व युवाओं में खास उल्लास व उत्साह देखने को मिला। सभी बगानी के साथ वक्त बिताना चाहते हैं। तभी ढोल-नगाड़ा की आवाज गूंजने लगी। ऐसा लग रहा था कि मानों कोई अपना विजय जुलूस निकालने जा रहा हो। जैसे ही स्थानीय लोगों को जानकारी हुई कि बगानी की यात्रा निकल रही है तो युवा व बच्चे भी साथ हो लिए। देखते ही देखते बड़ा कारवां दिखाई देने लगा और बगानी को सजा-धजाकर और फूल माला पहनाकर गांव घुमाया गया। मंगलवार को बगानी का स्वागत करने के लिए जिला पंचायत सदस्य के पति बबलू पाल, अवनीश, डा. सक्सेना समेत स्थानीय सैकड़ों पहुंचे और बगानी को पूरा गांव घुमाया।

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अपनों का प्यार पाकर भावविह्वल हो जाता बगानी

- भोपाल में एक आदिवासी परिवार के बीच बंधक के रूप में बगानी को अपनी माटी का अनुराग व प्रेम देखकर सहसा ही विश्वास नहीं होता। वह जैसे ही लोगों का प्यार व दुलार पाता है, भावविह्वल हो जाता है। हर एक मिलने वाले को देखकर वह निश्शब्द हो जाता है और मुस्कुराकर सभी का अभिवादन करता है।

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सुबह से ही पहुंचने लगते मिलने वाले

- 35 साल बाद अपने वतन वापस लौटे बगानी से मिलने वालों का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो जाता है। स्थानीय व आसपास के गांवों के लोग तो सुबह से लेकर शाम तक पहुंचते ही रहते हैं। क्षेत्र के गणमान्य व राजनीतिज्ञ भी बगानी को देखने व हालचाल लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

Edited By: Jagran