फतेहपुर में भूमि विवाद में हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को उम्रकैद, 1.04 लाख का लगा जुर्माना
फतेहपुर में भूमि विवाद के चलते एक युवक की पीट-पीटकर हत्या करने वाले दो सगे भाइयों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

HighLights
फतेहपुर में भूमि विवाद के कारण युवक की पीट-पीटकर हत्या।
अदालत ने दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
दोषियों पर 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
जागरण संवादाता, फतेहपुर। भूमि विवाद में किशुनपुर क्षेत्र के सिलमी गांव में अशोक तिवारी के दरवाजे पर आग ताप रहे युवक रज्जन को लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतारने वाले सगे भाइयों रामलखन त्रिवेदी उर्फ लखन उर्फ तेज प्रताप और शिवलखन त्रिवेदी उर्फ चन्द्रप्रकाश त्रिवेदी को अदालत ने दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोनों भाइयों को आजीवन कारावास की सजा और प्रत्येक पर 1.04 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
यह घटना सिलमी गांव में तीन फरवरी 2023 की शाम साढ़े आठ बजे की है। युवक रज्जन गांव में अशोक तिवारी के दरवाजे पर आग ताप रहा था, तभी पुराने भूमि विवाद को लेकर गांव के रामलखन, शिवलखन और उसकी मां सरस्वती वहां पहुंचे और गाली गलौज करने लगे। मां सरस्वती ने रज्जन को ललकारा और उसे जांच से मार डालने के लिए अपने बेटों को उकसाया।
इस पर दोनों भाई लाठी-डंडों से उसे पीटकर युवक को मौत के घाट उतार दिया, और युवक को निर्वस्त्र हालत में छोड़कर उसके स्वजन को जानमाल की धमकी देते हुए भाग निकले। इस मामले की अंतिम सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो में हुई।
जहां पीठासीन अधिकारी अजय सिंह प्रथम ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए गवाहों के बयान और साक्ष्यों को सुना। मंगलवार को न्यायाधीश ने आरोपित सगे भाइयों राम लखन व शिवलखन को उम्र कैद की सजा सुनाई।
अभियोजन की तरफ से शासकीय अधिवक्ता अजय कुमार सिंह और रणधीर सिंह ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से छह गवाह पेश किए गए। उन्होंने बताया आरोपित सरस्वती जो कि दोनों अभियुक्तों की मां है उसका नाम चार्जशीट में शामिल नहीं था। इससे उन्हें अदालत ने तलब नहीं किया गया है। उसकी पत्रावली पृथक होकर चल रही हैं।
किस धारा में क्या हुई सजा
धारा 302 - दोनों दोषियों को आजीवन कारावास व प्रत्येक को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड
धारा 504 - दोनों को एक-एक वर्ष का कारावास व प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये अर्थदंड
धारा 506 - दोनों को एक-एक वर्ष का कारावास व प्रत्येक को दो-दो हजार रुपये अर्थदंड
