फतेहपुर में 13.19 करोड़ की लागत से पांच पुल का होगा निर्माण, शासन से मिली स्वीकृति
फतेहपुर में दशकों पुरानी आवागमन की समस्या का समाधान करते हुए, शासन ने 13.19 करोड़ रुपये की लागत से पांच लघु सेतुओं के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
फतेहपुर में 13.19 करोड़ रुपये के पांच लघु सेतु स्वीकृत।
148 गांवों के हजारों ग्रामीणों को आवागमन में मिलेगी सुविधा।
डेढ़ वर्ष में पूरा होगा पुलों का निर्माण कार्य।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। आजादी के दशकों बाद भी जिले के 148 गांव और मजरों के हजारों ग्रामीणों को नदी, नाला और नहर पार करने के लिए नाव अथवा बांस के अस्थायी पुल का सहारा लेना पड़ रहा है। दो विधानसभा क्षेत्रों के करीब 42 हजार लोग इस समस्या से प्रभावित हैं।
बाजार, शहर और अन्य जरूरी कार्यों के लिए आने-जाने के साथ छात्र-छात्राओं को विद्यालय पहुंचने में भी परेशानी उठानी पड़ती है। वर्षा के समय जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों की मुश्किल और बढ़ जाती है।
ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए दोनों विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने लोक निर्माण विभाग से संपर्क कर संबंधित स्थानों पर स्थायी लघु सेतु बनवाने की पहल की।
विभाग ने दिसंबर 2025 में पांच स्थानों पर नए लघु सेतु निर्माण के लिए प्रस्ताव और एस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजा था। लंबे समय से लंबित इस मांग पर अब शासन ने मुहर लगा दी है। पांच लघु सेतु के निर्माण के लिए 13.19 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है।
ग्रामीण क्षेत्र में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या जल्द दूर होने की उम्मीद जग गई है। नदियों, नालों और नहरों पर स्थायी पुल नहीं होने से ग्रामीणों को आज भी नाव, बांस के अस्थायी पुल और अन्य जोखिम भरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे रोजमर्रा के कामकाज के साथ बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
सेतु बनने के बाद गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों, बाजारों और आसपास के कस्बों से बेहतर होगा। वहीं विद्यार्थियों को भी स्कूल-कालेज जाने के लिए नाव अथवा अस्थायी पुल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
भगलापुर निवासी दीपक निषाद और दुर्गेश निषाद ने बताया कि आजादी से अब तक वर्षा में नदी, नाला और नहर पार करना जान जोखिम में डालने जैसा होता है। कई बार जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है। वर्षों से पुल की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीणों के चेहरे पर शासन की स्वीकृति से खुशी दिखने को मिल रही है। लघु सेतु निर्माण को मंजूरी मिलने से क्षेत्रवासियों में खुशी है।
विभाग को डेढ़ वर्ष में पूरा करना होगा निर्माण
पांचों लघु सेतुओं के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अनुबंध तैयार होने के बाद निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में लोक निर्माण विभाग को पूरा करना है। जिससे गांव व मजरों के लोगों को शहर व बाजार तक आवागमन में सहूलियत मिल सकेगी।
इन जगहों में होगा लघु सेतुओं का निर्माण
| क्र.सं. | जगह का नाम | सेतु की लंबाई | लागत (लाख ₹ में) |
|---|---|---|---|
| 1 | रावतपुर से निम्बुआ घाट मार्ग पर | 10 मीटर | 179.09 |
| 2 | आलमगंज ममनापुर दरौटा लालपुर मार्ग | 24 मीटर | 254.72 |
| 3 | अमौली ब्लाक के चांदपुर-अछुईया नाला | 32 मीटर | 315.52 |
| 4 | सकूरा-देवमई-औंग मार्ग में | 08 मीटर | 152.67 |
| 5 | भगलापुर से मरवाही का डेरा नोन नदी | 40 मीटर | 417.70 |
क्या बोले जिम्मेदार
जहानाबाद व बिंदकी विधायक के साथ मिलकर पांचों लघु सेतु निर्माण के लिए दिसंबर 2025 में एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। लोगों को नाव, बांस पुल से आवागमन में दिक्कतों को देखते हुए शासन ने पांच लघु सेतु निर्माण के लिए 13.19 करोड़ रुपये की स्वीकृत दे दी है। सभी पुल की ई-टेंडरिंग शुरू करा दिया है और इनका निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा करना है। -दुर्गेश कुमार सिंह, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग खंड-2।
