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फतेहपुर के 53 गांवों और मजरों का बदलेगा भाग्य, आजादी के बाद पहली बार मिलेगी पक्की सड़क

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:27 PM (IST)

फतेहपुर जिले के 53 गांवों और मजरों को आजादी के बाद पहली बार पक्की सड़क मिलेगी, जिसके लिए 32.25 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

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HighLights

  1. फतेहपुर के 53 गांवों को पहली बार मिलेगी पक्की सड़क।

  2. 41.22 किमी लंबी 23 सड़कों के लिए 32.25 करोड़ स्वीकृत।

  3. 10 हजार आबादी को आवागमन और विकास का लाभ।

विनय मिश्र, फतेहपुर। आजादी के बाद से विकास का पहिया खूब दौड़ाने के दावे कितने भी किए गए हों, लेकिन जिले के 53 गांव व मजरे ऐसे रहे जिनके लिए यह दावे बेमानी रहे। आजादी के बाद विकास की चाहत रखने वाले इन गांवों को अभी तक पक्की सड़क नहीं मिली।

शासन ने सड़क के लिए आबादी का मानक 250 से घटाकर 125 किया तो यह गांव पक्की सड़क पाने के हकदार बन गए। शासन ने जिले की 41.22 किमी लंबी 23 सड़कों के नए निर्माण के लिए 32.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिससे 53 गांव व मजरों की 10 हजार की आबादी को लाभ मिलेगा।

यमुना कटरी के अमौली, असोथर, विजयीपुर के 53 गांव व मजरों के 10,234 लोग गड्ढों व वर्षा माह में दलदल होकर बाजार व खेत का आवागमन करते हैं। यहां लोग बीमार हो जाने के बाद चारपाई में कंधों के सहारे इन मार्गों से होते हुए मुख्य मार्ग तक लाया जाता है।

इसके बाद वाहनों से अस्पताल पहुंचाते हैं। पक्का रास्ता न होने से इन मजरों के किसान अपने खेतों की उपज सही दाम में नहीं बिक्री कर पाते हैं। इससे किसानों का बड़ा नुकसान होता रहा है। साथ ही इन गांव व मजरे के छात्र-छात्रा पढ़ने के लिए शहर व कस्बा आते-जाते हैं।

मार्ग गड्ढों व दलदल से भरा होने के कारण प्रतिदिन चोट का शिकार हो जाते हैं। अमौली ब्लाक बसफरा गांव के सत्तर वर्षीय देवीप्रसाद कहते हैं, आबादी कम होने के कारण उनके गांव में आज तक पक्की सड़क नहीं बनी। पूरा गांव उस घड़ी की बांट जोह रहा है जब गांव तक के मार्ग पर डामर बिछेगा।

असोथर ब्लॉक के सरकंडी के मजरे निषाद का डेरा के शिवपूजन ने कहा कि पक्की सड़क न होने के कारण बेटे व बेटियों की शादी करने में भारी दिक्कत होती है।

सड़क नाम लंबाई (किमी) लागत (लाख रुपये)
कोसा- रूसी 1.00 79.12
चटिहा-टरूवापुर 2.70 178.11
कोटिया-देवमई 1.75 171.47
डारी खुर्द-बसवारा 1.60 123.85
सेवरामऊ-भोलापुर 3.90 277.34
बिझौली-पधारा 2.35 148.01
बसफरा-कृपालपुर 2.25 161.35
नंदलालपुर-सोनवर्षा 2.20 157.36
मितयापुर-रैपुरवा 1.05 94.36
रेवाड़ी-मधुसूदनखेड़ा 1.60 157.39
दावतपुर-बुधाईयापुर 2.00 173.39
परसदेपुर-रूसी 1.00 79.48
धनश्यामपुर-दुर्गापुर 1.35 106.78
लालपुर दरौटा -डेहरिया 1.95 168.13
डुण्डरा-शाहजहांपुर 2.20 154.47
आलमपुर गेरिया-ऐलई 1.00 90.05
बादलपुर-भरसवा तिराहा 1.82 147.12
विरसिंहपुर-सलेमपुर 1.70 162.73
कल्यानपुर-भदियापुर 2.00 194.80
ईंटगांव-बहेरीहार 1.80 146.86
गोपलापुर-घनघौल 1.00 80.25
अलमपुर गरिया-रोहेलपुर 1.00 80.23
बहुआ हिनौता-जखनी 1.00 86.46
कुल योग (23 सड़कें) 40.22 3241.11

शासन के आदेश पर 2011 की जनगणना के अनुसार 125 आबादी के गांव व मजरों को जोड़ने के लिए सितंबर 2025 में सर्वे कराया गया था। पूरे जिले में सर्वे के बाद शासन ने 41 किमी लंबी 23 सड़कों के नए निर्माण के लिए 32.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी करा कर मार्गों का नया निर्माण शुरू कराया जाएगा।

-अनिल कुमार शील, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड