संवाद सहयोगी, ¨बदकी : अतिक्रमण हटाओ अभियान ने 20 दुकानदारों की रोजी रोटी छीन ली है। कई ऐसे दुकानदार हैं, जिनका दुकानों में ही जीविकोपार्जन का साधन था। प्रशासन व नगर पालिका ने प्रभावित दुकानदारों को दुकानें देने का प्लान तैयार किया था, जो खटाई में पड़ता दिख रहा है।

अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सड़क में जो पैमाइश की गई उसमें एक जैसा मानक नहीं रहा। कहीं पर अधिक और कहीं पर कम दूरी पर निशान लगा दुकानों को तोड़ दिया गया। अस्पताल के सामने दुकानों के सिर्फ छज्जे तोड़े गए, तहसील के सामने दोनों गेट के मध्य बनी 20 दुकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। हालांकि कई दुकानों को नहीं तोड़ा गया। जो दुकानें टूटी उसमें कई दुकानदार परिवार सहित रह भी रहे थे। इनका रोजगार के साथ आशियाना भी चला गया। अब प्रभावित लोगों ने दूसरे के घर में शरण ले रखी है। प्रभावित दुकानदारों ने एसडीएम सुशील कुमार गोंड से मुलाकात की थी। एसडीएम ने नगर पालिका से बात कर सभी को रोजगार के लिए दुकानें आवंटित कराने की बात कही थी। इस पर डीएम की सहमति भी मिल चुकी है। इसके बाद भी प्रभावित दुकानदारों को रामलीला मैदान की पट्टी में दुकानें बनाकर देने का मामला खटाई में नजर आ रहा है। प्रशासन और पालिका की इस मामले में चल रही कार्रवाई अब तक धरातल में नजर नहीं आ रही है।

प्रभावित दुकानदारों का दर्द

अतिक्रमण से प्रभावित दुकानदार अर¨बद पटेल कहते हैं तहसील के पास फोटो कॉपी, फोटो, टाइप का अच्छा काम चल रहा था। दुकान टूट जाने से एक माह से कोई काम नहीं चल रहा है। शैलेंद्र अग्निहोत्री बताते हैं दुकान के टूट जाने से रोजगार खत्म हो गया। बहुत बड़ी दिक्कत से सभी दुकानदार गुजर रहे हैं। कैलाश नारायण ने कहा उनके पास मकान नहीं है। दुकान के ही एक हिस्से में खाना बनाते और रहते थे। दुकान थी तो उसी से बच्चों का भरण पोषण कर रहे थे। अब दुकान गई तो दूसरे के मकान में शरण लेनी पड़ी। चाय की दुकान चलाने वाले गया प्रसाद ने कहा अब तो रोटी के लिए दिक्कत है। सब कुछ दुकान से ही था। वह भी टूट गई। राजेंद्र गुप्ता ने कहा कुछ समझ आ रहा क्या किया जाए। दुकान खत्म को तो रोजगार भी खत्म हो गया। दुकानदार रफात न्यारिया कहते हैं दुकान टूटने के बाद से पूरा व्यापार बंद है। प्रशासन को दुकानदारों व उनके परिवार के दर्द को समझना चाहिए।

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दुकानों के निर्माण का प्लान ठंडे बस्ते में नहीं पड़ा है। दुकानों का नक्शा तैयार कर लिया गया है। जहां दुकानों का निर्माण होना है, वहां पर अतिक्रमण है। पीडब्लूडी का भी कब्जा है। इसे हटाया जाना है। यहीं पर दुकानों का निर्माण करा सभी प्रभावित दुकानदारों को दुकानें दी जाएंगी। नगर पालिका अध्यक्ष व अधिकारियों ने इस पर जताई है। - प्रवीण कुमार जेई नपा ¨बदकी

Posted By: Jagran