संवाद सहयोगी, खागा : राजस्व बढ़ाने की आपाधापी में विभाग ऐसा कर रहा है जिससे उसकी किरकिरी हो जाती है। रायपुर भसरौल के मिहुवापुर में ग्रामीण लालटेन जलाकर रोशनी कर रहे हैं और उनके यहां बिजली का बिल पहुंच गया। सौभाग्य योजना के इन उपभोक्ताओं के घर के मीटर तो टंगे हुए है लेकिन विभाग कनेक्शन देने को भूल गया।

मिहुवापुर मजरे रायपुर भसरौल गांव में सौभाग्य योजना के अंतर्गत प्रत्येक घर तक बिजली कनेक्शन पहुंचाने की पहल शुरू हुई थी। बजाज कंपनी को गांव में विद्युतीकरण, केबल जोड़कर उपभोक्ताओं के घरों तक मीटर लगाने का काम मिला था। छेद्दू, ज्ञानमती, बुधिया, अंगद, राममगन, पोखराज आदि ग्रामीणों का कहना था कागजी कोरम पूरा करने के चक्कर में कंपनी के कर्मचारियों ने दरवाजों पर मीटर टांगकर बिना कनेक्शन जोड़े ही बिल चालू कर दिया। बमुश्किल दो जून की रोटी का बंदोबस्त करने वालों के यहां हजारों रुपये का विद्युत बिल पहुंचा तो लोग परेशान हो उठे। ग्रामीणों ने बताया कि तीन दिन पहले रीडर ने दरवाजों पर टंगे मीटर देखने के बाद बिल निकालकर उन्हें पकड़ा दिया। बिना कनेक्शन जोड़े ही ढाई-तीन हजार रुपये का बिल विभाग द्वारा भेज दिया गया। इसकी शिकायत करने पर मीटर रीडर ने ग्रामीणों को पावर हाउस का रास्ता बता दिया। समस्या लेकर पीड़ित ग्रामीण पावर हाउस पहुंचे। किशुनपुर जेई पंकज प्रकाश कुश्वाहा ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि कंपनी कर्मियों ने बिना कनेक्शन जोड़े ही मीटर लगा दिए थे। रीडिग चालू किए जाने से बिल आया है। ग्रामीणों की समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

Posted By: Jagran

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