जागरण संवाददाता, फतेहपुर: यूं तो सरकारी अस्पतालों में पंजीकरण पर्चा को छोड़कर लगभग सभी सुविधाएं निश्शुल्क हैं। लेकिन अगर आप पहुंच वाले नहीं है और आप की जेब भी कमजोर है तो यह सेवाएं पाने में आपका पसीना छूट जाएगा। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी व पीएचसी तक सुविधा शुल्क का चलन सरकारी सेवाओं में ग्रहण लगा रहा है। अंधेर तो यहां तक है कि जिला अस्पताल में करीब ढाई हजार मेडिकोलीगल आज तक बनाए नहीं गए चूंकि इनकी ख्वाहिश के लिए कोई व्यक्ति सेहत महकमे के जिम्मेदारों से मिलने नहीं गया।

सेहत सुविधाओं की बात की जाए तो जिले में महिला व पुरुष अस्पताल संचालित है। यहां पैथालॉजी जांच, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी जांच मुफ्त होती है तो वहीं जिला अस्पताल में स्थापित एसआरएल लैब में एक रुपये के पर्चे पर डेंगू से लेकर सभी तरह की जांचे निश्शुल्क करने का दावा किया जाता है। जबकि सीएचसी व पीएचसी स्तर पर भी जांच सुविधाएं निश्शुल्क होने के साथ मेडिकोलीगल किए जाते हैं। लेकिन यह आंकड़े सिर्फ कागजी हैं, चूंकि सरकारी निश्शुल्क सेवाओं के लिए कर्मचारी सुविधा शुल्क की आस लगाते हैं। मसलन एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व ईसीजी जैसी सेवाओं के लिए तो खुलेआम 50 से 150 रुपये तक सुविधा शुल्क लिया जाता है। उधर मेडिकोलीगल में यह आंकड़ा हजारों में पहुंच जाता है। जैसे मेडिकल रिपोर्ट में आपको चोट, गंभीर चोट, हड्डी का टूटने जैसी रिपोर्ट पैसों के दम पर बनाई जाती है। जिन रिपोर्ट के लिए सुविधा शुल्क नहीं मिलता है वह रिपोर्ट लंबे समय के लिए लटका दी जाती है। मौजूदा समय में तो करीब ढाई हजार मेडिकोलीगल लंबित हैं जिसका सटीक जवाब सेहत महकमे के पास नहीं है।

खाना व नाश्ते में भी लगता है पैसा : यूं तो अस्पताल में भर्ती होने पर पर आपको सुबह का नाश्ता और फिर भोजन की सुविधा निश्शुल्क है। लेकिन आमतौर पर यह सुविधा निश्शुल्क नहीं मिलती है। रोगियों से भंडारी द्वारा 10-20 रुपये उगाही की जाती है। मांग मामूली होने से तीमारदार व मरीज भी इसका विरोध नहीं करते है। कई बार इसको लेकर शिकायतें भी हुई लेकिन कार्रवाई डांट फटकार कर कर्तव्य बोध कराने तक ही सीमित रही।

मलहम पट्टी में भी नहीं छोड़ते कर्मचारी : सुविधा शुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नासूर बन गया है। आलम यह है कि वार्ड में भर्ती मरीजों से मलहम पट्टी करने के नाम पर भी नर्स व वार्ड ब्वाय उगाही करते हैं। यह बात अलग है कि मांग मरीज का मिजाज देखकर की जाती है। कर्मचारी यह पहले भांप लेते हैं कि कौन सा मरीज या तीमारदार सुविधा शुल्क देगा और कौन विरोध कर हंगामा करेगा।

क्या बोले जिम्मेदार

जिला अस्पताल से सीएचसी पीएचसी तक एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी व पैथालाजी की सुविधाएं निश्शुल्क है। कभी कभार कर्मचारियों पर आरोप भी लगते हैं, लेकिन जांच में अधिकांश आरोप झूठ पाए गए है। एक दो प्रकरण सही पाए तो उन पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करके उन्हें भविष्य के लिए चेतावनी दी गई। अगर फिर भी कोई कर्मचारी सुविधा शुल्क की मांग करता है तो शिकायत की जाए कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. विनय कुमार पांडेय, सीएमओ, फतेहपुर।

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