जागरण संवाददाता, फतेहपुर : शहर को स्वच्छता की चादर से ढांकने के लिए सशुल्क डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू की गई थी। यह योजना छह माह में ही फिर से औंधे मुंह गिर गई है। इससे स्वच्छता को गहरा झटका लगा है। शहर के गलियों में खाली जगह और प्लाट में पड़ा कूड़ा गवाही दे रहा है। नगर पालिका की उदासीनता को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी व्याप्त हो गई है।

लोगों से कूड़ा कचरा उठान के एवज में रुपये लेकर संचालित होने वाली योजना नहीं चल पा रही है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अफसरों की निगाह में पर्दा डालने के लिए पालिका मुख्य सड़कों के कूड़ा डंपिग प्वाइंट को साफ सुथरा रखने में ताकत लगाए हुए है। शहर फिर से गंदगी से पट गया है। तीन लाख की आबादी गंदगी से खासी परेशान है। बरसात के दिनों में उसे और भी दिक्कतें उठानी पड़ेंगी। वार्डो पर एक नजर

निकाय : सदर पालिका

वार्ड : 34

मुहल्ले : 123

आबादी : 3 लाख सशुल्क योजना भी नहीं संवार पाई पालिका

डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना सशुल्क थी। योजना के मुताबिक प्रति घर से मासिक शुल्क 50 रुपये, छोटी दुकानों से 100 रुपये और शापिंग माल आदि से 500 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया था। मैरिज हाल आदि से प्रति चक्कर 1000 रुपये का शुल्क लगाया गया था। शुल्क अदायगी के बाद इसे पालिका संवार नहीं पाई। जागरूकता संगीत बजाते हुए फर्राटा भरती थीं गाड़ियां

नगर पालिका परिषद की ओर से जागरूकता फैलाने के उद्देश्य और योजना को सफल बनाने के लिए कार्यदायी संस्था ठेकेदार को खुद के वाहन दिए गए हैं। इसमें हूटर की जगह लाउडस्पीकर लगा था, जिसमें कूड़ा वाली गाड़ी, भइया कचरा निकाल जैसे गानों से लैस होकर जब गलियों में यह वाहन पहुंचते तो लोग डस्टबिन लेकर निकल आते थे। जिससे पूरा मुहल्ला साफ सुथरा रहता था। दिक्कतें होंगी खत्म, जल्द शुरू होगी योजना : ईओ

सदर पालिका की अधिशासी अधिकारी मीरा सिंह ने बताया कि छह माह पूर्व योजना संचालित की गई थी। दिक्कतों के चलते रुक गयी है। दिक्कतों के सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही नए कलेवर में योजना की शुरुआत की जाएगी। शहर को साफ सुथरा रखने के सभी प्रयास किए जाएंगे।

Edited By: Jagran