यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 07, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार पीड़ित की प्लेटलेट्स कम होने पर मौत
संवादसूत्र गाजीपुर: मलेरिया, टायफाइड व डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, रविवा

संवादसूत्र गाजीपुर: मलेरिया, टायफाइड व डेंगू का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, रविवार को करीब 40 दिन से बुखार से जूझ रही नाजबानों की मौत हो गई। इससे पहले परिजनों ने इसे गाजीपुर सीएचसी, जिला अस्पताल, शहर के एक निजी नर्सिंग होम और अंत में कानपुर के एक निजी नर्सिंग होम में उपचार कराया था। मृतका के पति शरीफ का कहना था कि उसकी पत्नी को बुखार होने के साथ प्लेटलेट्स कम हो रही थी, अंतिम रिपोर्ट में मात्र 18 हजार प्लेटलेट्स बताई गयी। उनका आरोप था कि यदि डाक्टर लापरवाही न करते तो उनकी पत्नी बच जाती।
गांव-गांव फैली बीमारी की रोकथाम के लिए जहां सेहत महकमा उपचार देने का दावा कर रहा है। वहीं सरकारी अस्पतालों से गंभीर रोगियों को टरकाने की बात उक्त प्रकरण से स्पष्ट होती है। नाजबानों की मौत के मामले पर सीएमओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि पीड़ित मरीज का उपचार परिजन पिछले 15 दिन से अलग-अलग नर्सिंग होम में करा रहे थे, लेकिन उक्त रोगी पर डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। कानपुर में उपचार के दौरान एक निजी नर्सिंग होम में मौत हुई है। अगर कानपुर के नर्सिंग होम में जीएसवीएम मेडिकल कालेज कानपुर से डेंगू की जांच कराई गयी होती निश्चित तौर पर इसकी पुष्टि जिले में आती। लेकिन इस मरीज पर डेंगू की पुष्टि कहीं से नहीं आई। इस लिए अधिकृत तौर पर डेंगू नहीं माना जा सकता है।
