जागरण संवाददाता, फतेहपुर : अभी गर्मी की शुरुआत नहीं हो पाई है, लेकिन सरकारी नलकूप धोखा देने लगे हैं। हालात यह है कि 220 सरकारी नलकूपों जलापूर्ति बंद हो गई है। कुल में 589 में 220 सरकारी नलकूपों से जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसकी वजह से कटरी क्षेत्र के गांव एवं मजरों में पेयजल संकट गहरा गया है।

सरकारी नलकूपों का जिस गति से जलस्तर नीचे जा रहा है, इससे आगे के महीनों में और नलकूप जलापूर्ति करना बंद कर सकते है। विभाग ने कई बार सर्वे करके सरकारी नलकूपों के बिगड़े होने की रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को दी, जिसमें बिगड़े नलकूपों की जलापूर्ति दुरुस्त नहीं कराई गई। इससे समस्या का समाधान नहीं हो पाया । इससे किसानों में रोष है और आंदोलन की रणनीति तय कर रहे है।

इस मामले पर एक्सईएन कांशीराम का कहना था कि नलकूपों का जलस्तर तेजी से नीचे गिर रहा है। इससे लगता है कि गर्मी के दिनों में और भी संकट गहरा सकता है।

जिम्मेदार बोले : वहीं इस संबंध में एक्सईएन विद्युत आरआर ¨सह का कहना था कि विद्युत दोष से कम नलकूप बंद हैं। कहा कि जो बंद हैं वह यांत्रिक एवं जलस्तर गिरने से जलापूर्ति नहीं कर रहे है। कहा कि यांत्रिक दोष से बंद नलकूपों की रिपोर्ट विभाग के आला अधिकारियों को दे दी है।

एक नजर में हालात

कुल नलकूप - 569

कितने ने छोड़ा पानी- 120

यांत्रिक दोष से- 38

विद्युत दोष से- 62

अधिकांश प्रभावित- यमुना कटरी क्षेत्र के।

Posted By: Jagran