जागरण संवाददाता, फतेहपुर: बुधवार को आयोजित प्रश्न प्रहर में आम जनता को स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान का मौका मिला तो उनके मन का गुबार फोन पर फूट पड़ा। स्वास्थ्य केंद्रों की बदहाल हालातों से लेकर कर्मचारियों की मनमानी तक की कहानी सीएमओ डॉ. विनय कुमार पांडेय के सामने बयां की। आशा, एएनएम, फार्मासिस्ट और स्कूलों में लगने वाले हेल्थ कैंप तथा घर-घर महिलाओं के बीच निश्शुल्क वितरित होने वाले सेनेटरी नैपकीन की हकीकत सुनकर सीएमओ भी अवाक रह गए। उन्होंने आम जनमानस को भरोसा दिया कि लापरवाह कर्मचारी व डॉक्टर बख्से नहीं जाएंगे। यदि सेवाओं में मनमानी है तो उनकी जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रही बात सरकारी डॉक्टरों द्वारा निजी प्रेक्टिस की तो सख्ती से रोक लगाएंगे। यदि कोई डॉक्टर निजी प्रेक्टिस करते पाया जाएगा तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में तैनात डाक्टरों के लिए कहा कि जिसकी जहां तैनाती है अगर नहीं जाएगा तो उसके खिलाफ शासन को लिखकर कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। प्रस्तुत है आपके सवालों पर सीएमओ के जवाब...

प्रश्न: अयाह में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है लेकिन हमेशा तालाबंदी रहती है। -लल्लू यादव, अयाह

उत्तर: हमारे पास नया स्टाफ नहीं है, स्टाफ मिलने पर तैनाती की जाएगी।

प्रश्न:11 बजे है बहुआ केंद्र में कोई डाक्टर नहीं आया, रात में कोई डाक्टर नहीं रुकता। - मो. इरसाद व रफी अहमद, बहुआ

उत्तर: यहां डा. सत्यम गुप्ता प्रभारी हैं इस स्थिति के लिए उन्हें स्पष्टीकरण जारी कर जवाब लिया जाएगा।

प्रश्न: मैं आपके विभाग का सेवानिवृत्त कर्मचारी हूं, लेकिन मेरे देयक भुगतान में देरी की जा रही है। - लक्ष्मी नरायण तिवारी, ¨बदकी

उत्तर: आपकी देयक पत्रावली कहां रुकी हैं, क्यों भुगतान में देरी हो रही है इसकी पड़ताल कराएंगे।

प्रश्न: डा. एनके सक्सेना अस्पताल में मरीज नहीं देखते, घर में प्रेक्टिस करके 300 रुपए फीस लेते है। - एबीसी, शादीपुर

उत्तर: जांच कराकर कार्रवाई करेंगे, मामला सही मिला तो मुकदमा भी दर्ज कराएंगे।

प्रश्न: गढ़ा में उपकेंद्र बना है, दो माह से एएनएम ने ताला तक नहीं खोला। - जितेंद्र त्रिपाठी, चंदापुर गढ़ा

उत्तर: एएनएम की तैनाती है फिर भी केंद्र न खुलना गंभीर मामला है, जांच कर कार्रवाई करेंगे।

प्रश्न: छिछनी अस्पताल में डाक्टर नहीं आती, स्वीपर दवा बांटता है। -एबीसी, छिछनी

उत्तर: यहां डा. शिवानी की तैनाती है, जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।

प्रश्न: सातों में पीएचसी खुली है डाक्टर तैनात नहीं हैं। - राजेश ¨सह, सातों

उत्तर: हमारे पास डाक्टरों की कमी है, आने पर तैनाती करेंगे।

प्रश्न: जिला अस्पताल के डाक्टर बाहर की दवाएं लिखते है। - एबीसी, शहर

उत्तर: बाहर से दवा लिखने के अधिकार नहीं है कोई डाक्टर लिखे तो उसकी शिकायत करें।

प्रश्न: ¨बदकी सीएचसी में कमीशन के लिए दवा लिखी जाती है क्या कार्रवाई होगी। - सुनील नगर, व्यापार मंडल

उत्तर: हमने अस्पताल में एमआर के प्रवेश पर रोक लगा रखी है हम ¨बदकी में जांच कराएंगे।

प्रश्न: चांदपुर अस्पताल में डाक्टर सप्ताह में एक दिन आते हैं। -पवन पांडेय, चांदपुर

उत्तर: हमारे पास डाक्टर नहीं है तो यहां के लिए एक डाक्टर को सप्ताह में दो दिन के संबद्ध किया गया है।

प्रश्न: राधानगर की अर्बन पीएचसी में डा. यतीन्द्र आते ही नहीं है। -आनंद तिवारी, राधानगर

उत्तर: डाक्टर की हाजिरी नियमित आ रही है मै स्वयं छापामार कर हकीकत देखूंगा।

प्रश्न: जिले भर में मच्छर बढ़ रहे है सेहत महकमा क्या करेगा। -जितेंद्र मिश्र, ¨बदकी

उत्तर: हमारा वेक्टर वार्न कार्यक्रम मच्छर जनित रोगों के लिए चल रहा है।

प्रश्न: सदर अस्पताल में चार दिन अल्ट्रासाउंड नहीं हो रहे है। -राजकरन, जयराम नगर

उत्तर: मशीन व कर्मचारी दोनो है, जांच क्यों नहीं हो रही इसकी पड़ताल कराएंगे।

प्रश्न: खजुहा पीएचसी में मरीजों व तीमारदारों के लिए कुर्सी तक नहीं है। -कुलदीप, खजुहा

उत्तर: मार्च के बाद नया फर्नीचर भेजा जाएगा।

प्रश्न: गढ़ा पीएचसी में डाक्टर नहीं जाते है। -गंगाराम पाल, रघ्घूपुर गढ़ा

उत्तर: यहां डाक्टर नहीं है, हम नजदीक की पीएचसी से यहां डाक्टर संबद्ध करेंगे।

प्रश्न: मेरा पेट साफ नहीं रहता क्या उपाय है। -देव नरायण, सौंरा

उत्तर: आप शाम का हल्का भोजन करें और सलाद अधिक लें।

प्रश्न: चार दिन हल्का बुखार आ रहा है। - संतोष यादव, हरिहरगंज

उत्तर: आप को वायरल हो सकता है जिला अस्पताल में दिखाएं।

Posted By: Jagran