फतेहपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान लॉकडाउन में ड्यूटी के दौरान शनिवार को यमुना नदी में नाव के पलटने से डूबे दारोगा तथा सिपाही व नाविक के शव रविवार को मिले हैं। एनडीआरएफ के साथ पीएसी तथा स्थानीय गोताखोरों की टीम कल से ही इनकी तलाश में लगी थी। शनिवार को आंधी के साथ बरसात के दौरान इनकी नाव असंतुलित होकर पलट गई थी।

फतेहपुर में शनिवार को यमुना नदी में डूबे जौनपुर निवासी दारोगा रामजीत यादव, कासमाबाद गाजीपुर निवासी सिपाही शशिकांत व संगोलीपुर मड़ैयन निवासी नाविक रवि शव आज मिल गए हैं। इनकी खोज कल से ही एनडीआरएफ, पीएसी व स्थानीय गोताखोर कर रहे थे। आज तीनों के शव मिले हैं। इनकी खोज का यह अभियान पुलिस अधीक्षक प्रशांत वर्मा की अगुवाई में चलाया जा रहा था। दारोगा रामजीत के साथ सिपाही शशिकांत लॉकडाउन अनुपालन में शनिवार को यमुना घाट किनारे पहुंचे थे। यह लोग यमुना पार कर रहे लोगों को वापस भेजने के चक्कर एक नाव में सवार हो गए थे। रविवार को इनके शव मिलने के बाद घाट किनारे मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इनके शव मिलने के बाद घर-परिवार के लोग घाट पर पहुंच गए, जिससे वहां का माहौल काफी गमगीन हो गया।

इनकी नाव शनिवार की शाम आंधी तथा बारिश में अनियंत्रित होकर पलटी थी। फतेहपुर के किशुनपुर थाने के संगोलीपुर यमुना घाट पर शनिवार शाम हुए हादसे के बाद दारोगा रामजीत, सिपाही शशिकांत व नाविक रवि की तलाश में एनडीआरएफ टीम ने रविवार सुबह पांच बजे से यमुना नदी में रेस्क्यू शुरू कर दी थी। वाराणसी से आई एनडीआरएफ टीम ने चार मोटरबोट की मदद से तीन किमी यमुना क्षेत्र में लापता पुलिस कर्मियों की तलाश शुरू की थी। पीएसी फतेहपुर की एक टीम मोटरबोट के साथ यमुना नदी में लापता पुलिस कर्मियों की खोज में जुटी थी।  

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