मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण टीम, फतेहपुर : कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव ने बुधवार को जिले में दो चुनावी जनसभाओं बड़े ही सधे अंदाज से मन की बात कही। खास बात यह कि पचास मिनट के संबोधन में उन्होने गठबंधन का नाम तक नहीं लिया। राजनीतिक गलियारों में इसके मायने निकाले जा रहे हैं।

खागा और गाजीपुर में बीस-बीस मिनट के संबोधन में बीच-बीच में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भले ही 'चौकीदार चोर है', प्रियंका नहीं यह आंधी है दूसरी इंदिरा गांधी है' के नारे लगाए हों लेकिन प्रियंका ने संबोधन में कोई विवादित बयान देने से परहेज किया। बड़ी साफगोई से वह गठबंधन को छुए बिना भाजपा पर पूरा ही केंद्रित रहीं। मुद्दों की ओर जनता का ध्यान दिलाने के साथ उत्तर जानने की कोशिश की। कट्टर समर्थकों की भीड़ से यह संदेश देने की कोशिश की कि कांग्रेस की टक्कर भाजपा से है। खागा में संचालन की जिम्मेदारी प्रकाश पांडेय ने निभाई। खागा की सभा में एआईसीसी सदस्य ऊषा मौर्या, अभिमन्यु सिंह, निर्मल तिवारी, ओमप्रकाश गिहार, कलीमउल्ला रहे। हेलीपैड पर स्वागत करने वालों में पार्टी प्रत्याशी व जिलाध्यक्ष के अलावा रामपुर विधायक आराधना मिश्रा, शिवाकांत तिवारी, राजकुमार मौर्य, सुनील तिवारी, विनय तिवारी रहे। नहीं आए दिल्ली के सरकार

जिले की कांग्रेसी राजनीति में खासी दखल रखने वाले 'दिल्ली के सरकार' (कांग्रेसियों का दिया शब्द) नहीं दिखाई दिए। चुनावी जनसभा में उनके आने को लेकर लोग बेसब्री से इंतजार करते रहे। कई बार चुनावी दंगल के पहलवान बन चुकी इस कांग्रेसी शख्सियत का लोकसभा चुनाव में न दिखाई पड़ना चर्चा का विषय बना हुआ है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप