जागरण संवाददाता, फतेहपुर : अढ़ावल खदान से ओवरलोडेड ट्रक निकालने की शिकायत पर मंगलवार को खनन, एआरटीओ व पुलिस की संयुक्त टीम ने देर शाम छापामारी की। मौके पर 28 ट्रक ऐसे पाए गए जिनमें मानक से दूना मौरंग भरी मिली। टीम को देखते ही आधे से अधिक चालक ट्रक छोड़कर भाग गए।

ललौली थाना क्षेत्र के अढ़ावल खदान में ओवरलोडेड ट्रक निकालने की शिकायत लंबे समय से चल रही है। क्षेत्र के लोगों ने कई बार मार्ग में जाम लगाकर ओवरलोड का विरोध किया। सोमवार को ट्रक संचालकों ने डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर खदान से जबरन ओवरलोड देने की बात कहते हुए शिकायत किया था कि खदान संचालक मनमाने ढंग से पैसा वसूल रहे हैं। पांच हजार की रसीद देकर तीस हजार लिए जा रहे है। बिना तौल व रवन्ना के ट्रक निकाले जाने की बात सामने आई थी। डीएम संजीव कुमार ने खनन व एआरटीओ की संयुक्त टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। टीम ने छापामारी किया तो खदान में सत्तर से अधिक मौरंग भरे ट्रक खड़े मिले जिसमें 17 ट्रकों में मानक से दूना मौरंग भरी हुई थी। खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय व एआरटीओ अभिषेक कन्नौजिया ने खदान में खड़े मिले सभी सत्रह ट्रकों को सीज कर दिया। इसके बाद इस मार्ग पर निकलने वाले 11 ओवरलोडेड ट्रकों पर और कार्रवाई की गई। खनन अधिकारी ने कहा कि जांच में पता चला कि खदान संचालक की मिलीभगत से ही ट्रक ओवरलोड निकल रहे है। कहा कि कुछ ट्रक चालक खदान से निकलने के बाद डंप से मौरंग ओवरलोड कर लेते है। दूसरे रास्ते से निकलते ट्रक

- खदान से निकलने वाले ट्रकों की चेकिग के लिए खनन व पुलिस विभाग को वैरियर लगा है। बताते है कि ज्यादातर ट्रक दूसरे रास्ते से निकल जाते है। ज्यादातर ओवरलोडेड ट्रक रात में अधिकारियों की लोकेशन के साथ निकलते है। खदान में सीसीटीवी कैमरा, तौल मशीन व आनलाइन ई-रवन्ना जारी करने की व्यवस्था लागू करने के बाद भी ओवरलोडेड ट्रक निकलना समूची व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है।

Posted By: Jagran

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