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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन मौतों के बाद जागा प्रशासन

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Published: Sat, 19 Jul 2014 08:20 PM (GMT+05:30)

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हुसेनगंज/ गाजीपुर/ असोथर (संवाद सूत्र) : चिकित्सकीय संवेदनहीनता के चलते डायरिया का प्रकोप से दो मासूम बच्चियों समेत तीन की मौत हो गई और एक सैकड़ा के करीब ग्रामीण पीड़ित हैं। भले ही स्वास्थ्य महकमा गांवों के कुओं में ब्लीचिंग पाउडर डलवा दवाएं वितरित करवाकर स्थिति नियंत्रण में करने का दावा भर रही हो लेकिन हकीकत यह है कि ग्रामीणों को दवाओं से कोई फायदा नहीं मिल रहा है और वह प्राइवेट नर्सिग होम भाग रहे हैं।

भिटौरा ब्लाक के शाहपुर कोढ़इया गांव में पखवारे भर से फैली संक्रामक बीमारी से सात वर्षीय शोभा पुत्री दिनेश प्रजापति व 08 वर्षीय नीशू पुत्री अनेक सिंह यादव की मौत हो गई लेकिन चिकित्सकीय टीम नहीं पहुंची। उससे नाराज अखिल भारतीय नौजवान सभा के महामंत्री राकेश कुमार प्रजापति के नेतृत्व में ग्रामीण राजकरन, शिवकुमार, चंद्रपाल, रामबाबू, नरेश, सुनील कुमार, शिवकुमार, सूरजदीन, मोती आदि शनिवार को सीएमओ दफ्तर में जाकर प्रदर्शन किया। फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने डीएम व सीएमओ को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि दो बच्चियों की मौत के बाद तमाम महिलाएं, पुरुष व बच्चे संक्रामक बीमारी के प्रकोप से पीड़ित हैं लेकिन जिला अस्पताल को सूचना देने के बावजूद अभी तक कोई डाक्टर मौके पर नहीं पहुंचा। तब जाकर स्वास्थ्य महकमा की नींद टूटी और मौके पर जिला संक्रामक नियंत्रण टीम भेजी गई। गांव में दिनेश, बाबू, मछला, खुशी, शुभम आदि संक्रामक रोग व डायरिया से ग्रसित हैं। मवई डाक्टर आरपी जाटव व सुपरवाइजर धर्मेद्र तिवारी की टीम ने शाहपुर कोढ़इया के दस कुओं में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया और दवाइयां वितरित कर पीड़ितों को ओआरएस के पैकेट बांटे।

उधर असोथर ब्लाक के लौगांव में शुक्रवार को डायरिया से मासूम कैलाश की मौत हो गई थी और शनिवार को रहिमलिया देवी पत्‍‌नी गंगाचरन ने भी दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य महकमा भले ही स्थिति नियंत्रण करने में दावा कर रही हो लेकिन वहां के हालात कुछ और ही हैं। रातो रात मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया और उनकी संख्या 60 के पार पहुंच गई। पीड़ितों में दुर्जी, शिवकरन, पूनम देवी, अर्जुन, सुमन, गंगाचरन, हीरालाल, ममता, तुलसी, सूरजकली, मोतीलाल, चंद्रकली, संगीता, किरन, अजय आदि हैं। ग्रामीणों का आरोप था कि चिकित्सकीय टीम दवा बांटकर गई है वह दवाएं फायदा ही नही कर रही है जिससे वह अपने मरीजों को प्राइवेट नर्सिग होम में भर्ती करवा दिए हैं जबकि कुछ मरीज जिला चिकित्सालय भेजे गए हैं।

स्थिति नियंत्रण में हैं : सीएमओ

सीएमओ डा. मुरारीलाल वर्मा व संक्रामक रोग प्रभारी एलआर सचान का कहना था कि वह मीटिंग में हैं, शाहपुर कोढ़इया गांव में संक्रामक बीमारी फैलने की सूचना मिली थी जिस पर वहां मवई डाक्टर के नेतृत्व में चिकित्सकीय टीम भेज दी गई है। वहां व लौगांव की स्थिति अब नियंत्रण में है।

हां, बच्चियों की मौत हुई : डाक्टर

फतेहपुर : शाहपुर कोढ़इया मजरे चितीसापुर गांव गए मवई डाक्टर आरपी जाटव ने बताया कि बच्ची शोभा प्रजापति की शुक्रवार को डायरिया से मौत हुई है जबकि दूसरी बच्ची नीशू की मौत दस दिन पूर्व हुई थी। गांव में सिर्फ आधा दर्जन ग्रामीण ही वायरल फीवर व डायरिया से ग्रसित हैं, कुओं में ब्लीचिंग डलवाकर दवाईयां वितरित कर दी गई हैं।