संवाद सूत्र, जहानगंज : मीरपुर गांव में कुत्ता काटने के एक वर्ष बाद एंटी रैबीज फैलने से युवक की मौत के बाद पत्नी व बच्चों में भी एंटी रेबीज के लक्षण मिले। स्वजनों ने मरीजों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया है। एंटी रेबीज फैलने के डर से पूरा परिवार भयभीत है।

क्षेत्र के गांव मीरपुर निवासी मिथलेश यादव के 22 वर्षीय पुत्र घनश्याम को करीब एक साल पहले कुत्ते ने काट लिया था। 21 फरवरी को अचानक हालत बिगड़ने पर स्वजन लोहिया अस्पताल ले गए। जहां से कानपुर हैलट रेफर कर दिया। जब डॉक्टरों ने भर्ती करने से मना कर दिया तो घनश्याम को 22 फरवरी को दिल्ली ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन स्वजनों ने जैसे ही कार में लिटाया उसी दौरान मौत हो गई थी। बुधवार को मृतक की पत्नी पूजा व पुत्र रितिक में रैवीज के लक्षण दिखे, तो स्वजन लोहिया अस्पताल ले गए। जहां पूजा को भर्ती कर लिया गया। परिवार के ही दिनेश कुमार ने बताया कि बुधवार को करीब 13 लोग लोहिया अस्पताल गए, जिन्हें एंटी रेबीज होने का अंदेशा था। वहां वैक्सीन न होने के कारण वापस कर दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि घनश्याम के परिवार में करीब 50 लोग हैं। सभी एंटी रेबीज के कारण खौफजदा हैं।

Posted By: Jagran

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