संवाद सूत्र, कमालगंज : खेतों में खड़ी फसलों को नष्ट कर रहे 80 गोवंशी को ग्रामीणों ने शुक्रवार को पकड़कर अस्थायी बाड़े में बंद कर दिया था। दो दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने इन गोवंशी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। शनिवार शाम ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी की मौजूदगी में इन गोवंशी को बाड़े से आजाद कर दिया।

श्रंगीरामपुर, चौपेड़ा, महावीर नगला व सबलपुर के ग्रामीणों ने शुक्रवार को अलग अलग जगहों से करीब 80 गोवंशी को पकड़कर सबलपुर गांव में बनाए गए अस्थाई बाड़े में बंद कर दिया था। इसकी सूचना जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी व खंड विकास अधिकारी को अलग-अलग दी थी। शुक्रवार शाम को खंड विकास अधिकारी आलोक आर्य ने गांव पहुंचकर ग्राम प्रधान को चारे की व्यवस्था के निर्देश दिए थे और कहा था कि शनिवार को इन गायों को नगर पंचायत के वाहनों से गोशाला में भिजवा देंगे। शनिवार शाम 5.30 बजे तक जब कोई अधिकारी इन गोवंशी को देखने तक के लिए नहीं आया तो ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी को फोन पर सूचना दी। मौके पर पहुंची बीडीओ को ग्रामीणों ने खरी खोटी सुनाई। बीडीओ ने कहा कि वह लोगों के माध्यम से गोवंशी के लिए चारे की व्यवस्था करवा रहे हैं। गोशालाओं में जगह की कमी है, व्यवस्था के बाद वह गोवंशी को शिफ्ट करवा पाएंगे। इतना सुनते ही ग्रामीण नाराज हो गए और कहा कि वह इन गोवंशी को मरता हुआ नहीं देख सकते हैं। उसी दौरान कुछ ग्रामीणों ने बाड़े का गेट खोल दिया तथा गोवंशी को आजाद कर दिया। बीडीओ आलोक आर्य ने बताया कि पकड़ी गए बेसहारा गोवंशी को देवरान गढि़या, गगनी व सिधौली की गोशालाओं में भेजने के लिए नगर पंचायत से बात कर ली गई थी, लेकिन ग्रामीणों ने आम सहमति बनाकर बेसहारा गोवंशी को मुक्त कर दिया। उन्होंने बताया कि गोवंशी कुंडपुरा गांव की बताए गए हैं। सचिव को निर्देशित किया गया है कि वह गोवंशी छोड़ने वाले व्यक्तियों के नाम नोट करके उन लोगों को नोटिस जारी करें, यदि फिर भी न मानें तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

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