संवाद सूत्र, कमालगंज : तीन दिवसीय 122 वें उर्स अहसनी महमूदी में कव्वालियों की गूंज के बीच अकीदतमंदों ने दरगाह शरीफ पर गागर व चादर चढ़ाई।

शेखपुर की ऐतिहासिक दरगाह अहसनी महमूदी पर रविवार को बाद नमाज फज्र कुरान ख्वानी की गई। उसके बाद सुबह नौ बजे से शेखपुर, गौसपुर व नगला दाऊद गांव से गागर चादर जुलूस के आने का सिलसिला शुरू हो गया। कव्वालियों की गूंज के बीज अकीदतमंद गागर व चादर लेकर दरगाह पहुंचे।दरगाह पर मांगी गई मन्नतें पूरी होने पर अकीदतमंद दरगाह पर गागर चादर पेश करते हैं। कव्वाल की टोली के साथ अकीदतमंद घर से जुलूस के रूप में चादर व मिठाई से भरी हुई गागर को सिर पर रख कर दरगाह पर पेश करते हैं। उर्स में आसपास के गांव के साथ ही कई जनपदों एवं प्रांतों के लोग शरीक होते हैं। देर रात सज्जादानशीन ख्याजा आमिर महमूद की सरपरस्ती में कौमी एकजहती पर हुए जलसे में भाई चारे का पैगाम दिया गया। महफिले शमां में कारी नौशाद, मौलाना ज्याउल हक, डा. रामाआसरे निराला राही, मौलाना अयूब रजा, मोहम्मद मुकीम अली आदि शायरों ने हजरत ख्वाजा अहसन अली शाह के फैजान व करामातों पर रोशनी डाली तथा गंगा जमुनी तहजीब पर उम्दा कलाम पेश कर कौमी एकजहती का पैगाम दिया। दरगाह सचिव मकसूद अहसन मन्नू मियां ने बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे कुल शरीफ होगा। इस दौरान दरगाह शरीफ के इर्द गिर्द लगे मेले में सजी दुकानों पर जायरीनों ने खरीददारी का लुत्फ उठाया। सारिक महमूद, फायक महमूद, साकिब इरफान अली, डा. आफाक आदि ने व्यवस्था देखी।

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