जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : रोडवेज बस स्टेशन पर वेंडरों और दुकानदारों से होने वाली वसूली को लेकर अधिकारियों व कर्मचारियों में ठन गई है। आए दिन हो रहे विवाद के बाद बस स्टेशन इंचार्ज ने पीआरडी जवानों को वेंडरों को प्रवेश न देने का आदेश जारी कर दिया। इसको लेकर विवाद की स्थिति है।

रोडवेज बस स्टेशन के बाहर बनी दुकानें जिला प्रशासन ने कुछ माह पहले तुड़वा दी थीं। निगम अभी तक सुंदरीकरण नहीं करवा पाया है। 33 लाख का प्रस्ताव मुख्यालय में विचाराधीन है। इसी बीच पश्चिमी गेट पर निगम अधिकारियों की साठगांठ से फिर कब्जा हो गया। बस स्टेशन के सामने दो दर्जन से अधिक ठेली दुकानदार खड़े होते हैं। बसों में भी पानी की बोतले आदि की बिक्री वेंडरों से कराई जाती है। ड्यूटी पर रहने वाली कर्मचारी 50 रुपये प्रति वेंडर वसूलते हैं। जिससे उन्हें हजारों रुपये प्रतिदिन की आमदनी हो रही है। बस स्टेशन प्रभारी उर्मिला दुबे ने पीआरडी जवान अजय दुबे, रजनेश कुमार, आशीष कुमार, तिलक सिंह, रामऔतार, रमाकांत एवं हरिपाल सिंह को जारी आदेश में कहा कि 28 अक्टूबर को नोडल अधिकारी ने बस स्टेशन का निरीक्षण किया था। उस दौरान उन्होंने बस स्टेशन के आगे और साइड में लगी ठेलियों को तत्काल हटवाने का आदेश दिया था। उन्हें निर्देशित किया जाता है कि अनाधिकृत ठेली न लगने दी जाएं। बस स्टेशन के अंदर कोई स्टाल व ठेली नहीं लगेगी। अन्यथा पीआरडी जवानों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई भी होगी। पत्र के बाद पीआरडी जवान सक्रिय हो गए हैं। इससे वसूली करने वाले कर्मचारी नाराज हैं। इसको लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हो गई। स्टेशन प्रभारी उर्मिला दुबे ने बताया कि अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश हैं। उसी के अनुसार उन्होंने आदेश जारी किया है।

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