- विजीलेंस टीम ने क्षेत्रीय जेई के साथ मारा छापा

- एक दूसरे पर फोड़ रहे एफआइआर न कराने का ठीकरा जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : बिजली चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने में भी भेदभाव जैसा रवैया देखने को मिल रहा है। विभागीय अफसर हों या फिर विजीलेंस टीम, दोनों ही गरीबों पर कार्रवाई कर कोटा पूरा कर रहे हैं। जबकि नेता और अन्य रसूखदारों पर रहम किया जा रहा है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देखने को मिला। चेकिंग के दौरान सपा के एक बड़े नेता के घर बिजली चोरी पकड़ी गई। नेता के खिलाफ न क्षेत्रीय जेई ने कार्रवाई करने की जहमत उठाई और न ही विजीलेंस टीम ने। घटनाक्रम का जब वीडियो वायरल हुआ तो दोनों एक दूसरे पर एफआइआर न कराने का ठीकरा फोड़ रहे हैं।

सोमवार को कानपुर से प्रवर्तन दल आया था। जिसने शहर में कई स्थानों पर छापेमारी की। मोहल्ला पलरिया स्थित पटेल पार्क के निकट निवासी एक सपा नेता के घर विजीलेंस टीम ने चे¨कग के दौरान बिजली चोरी पकड़ ली। इसके बावजूद सपा नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। टीम यहां से बैरंग हो गई।

इस घटना का वीडियो वायरल हो गया। जिसमें सपा नेता के घर बिजली चोरी पकड़ने को लेकर टीम में विवाद होता दिख रहा है। क्या कहते हैं जिम्मेदार -क्षेत्रीय अवर अभियंता रंजीत मौर्य ने माना कि बिजली चोरी पकड़ी गई थी। जिसकी एफआइआर विजीलेंस टीम को करानी चाहिए थी। वह तो केवल सहयोग के लिए साथ में थे। -विजीलेंस के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार मिश्र ने बताया कि विभागीय अवर अभियंता के साथ संयुक्त रूप से चे¨कग की गई थी। इसलिए क्षेत्रीय जेई को ही एफआइआर करानी चाहिए थी। - अधिशासी अभियंता नगरीय पंकज अग्रवाल ने बताया कि विजीलेंस टीम ने सपा नेता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। इससे अधिक वह कुछ नहीं कहना चाहते।