जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : विश्व फार्मासिस्ट पर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन द्वारा शुक्रवार को लोहिया अस्पताल सभागार में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान कोरोना महामारी में बेहतर कार्य करने वाले फार्मासिस्टों को सम्मानित किया गया।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सतीश चंद्रा ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएमएस डा. राजकुमार गुप्ता और महिला चिकित्सालय के सीएमएस डा. कैलाश दुल्हानी ने फार्मासिस्ट के योगदान की सराहना की। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डा. अजय कुमार ने कहा कि चिकित्सक और फार्मासिस्ट दोनों ही जनता की सेवा करने के लिए हैं। मानवता की सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। साईं मीर कालेज आफ फार्मेसी के प्राचार्य डा. अर्पित कटियार ने विश्व फार्मासिस्ट दिवस के बारे में विस्तार से बताया और फार्मासिस्ट की शिक्षा और उनके दायित्वों को बताया। संरक्षक बीबी कटियार ने संगठन में एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभुदयाल ने की और संचालन संगठन के मंत्री जितेंद्र सिंह ने किया। इस दौरान संघ के जिलाध्यक्ष चक्र सिंह यादव, अभिषेक शुक्ला, शचींद्र द्विवेदी, रजनेश यादव, अरविद प्रजापति, मंजू शाक्य, गरिमा सचान, अपर्णा यादव, सुधाकांत मिश्रा, प्रवीन यादव, अमरेश कुमार, प्रमोद उत्तम, ब्रजेश कुमार, संजीव कुमार, जावेद खान, सतेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। फार्मासिस्टों का बंद हो उत्पीड़न

अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले कार्यक्रम किया गया। इस दौरान कमेटी का गठन किया गया। इसमें आनेंद्र प्रताप सिंह को जिलाध्यक्ष, असगर खान को उपाध्यक्ष, धर्मेंद्र यादव को सचिव, नरदेव प्रजापति को कोषाध्यक्ष, आलोक त्रिवेदी को मीडिया प्रभारी बनाया गया। फार्मासिस्ट ने कहा कि ट्रेनी फार्मासिस्ट का प्रशिक्षण के नाम पर सीएमओ कार्यालय में सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। ड्रग लाइसेंस के नाम पर उत्पीड़न किया जाता है।

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