जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : रमजान के मुबारक माह का पहला अशरा गुरुवार को पूरा हो गया। इस दौरान मस्जिदों में रोजेदारों की भारी भीड़ रही। शाम को मस्जिदों में रोजा इफ्तार का आयोजन भी किया गया।

रमजान के पाक माह का पहला अशरा रहमत का कहलाता है। इसमें अल्लाह रहमत की बारिश करता है। दूसरा अशरा मगफिरत का होता है। इसमें अल्लाह अपने बंदों के गुनाह माफ करता है। तीसरा अशरा जहन्नुम से निजात का होता है। इस में खुदा रोजेदारों को जहन्नुम से निजात अता करते हैं। पहले अशरे की समाप्ति पर गुरुवार को मस्जिदों में काफी भीड़ नजर आई। काफी किशोरों ने आज पहला रोजा रखा, तो उन्होंने अपने घरों से इफ्तारी लाकर मस्जिद में दोस्तों के साथ रोजा कुशाई की। शहर के गढ़ी कोहना स्थित फाटक वाली मस्जिद में गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। शाम को रोजा इफ्तार के समय काफी संख्या में आए बच्चों के लिए अलग इफ्तार का आयोजन किया गया। पहला रोजा रखने वाले जुबैर, नदीम, फरहान व हसनैन आदि भी इसमें अपने दोस्तों के साथ शामिल हुए।

रोजा इफ्तार के बाद मस्जिद के इमाम वसीमुज्जमा ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद रोजेदारों ने मुल्क में अमन-शांति व भाईचारा कायम रहने की दुआ की। इस अवसर पर इमाम ने फरमाया कि जिन कामों को अल्लाह ने पसंद नहीं किया, उनसे बचा जाए। सही तरीके रोजा रखने पर ही खुदा इबादत को कुबूल करता है। उन्होंने कहा कि हजरत मुहम्मद फरमाते हैं कि रमजान में इंसान के हर अच्छे अमल का सवाब सत्तर गुना हो जाता है।

Posted By: Jagran

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