दलालों की साठगांठ से चल रहा था धंधा

- यात्रियों के हंगामे पर आरपीएफ ने की कार्रवाई जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद :

रेलवे स्टेशन फतेहगढ़ में टिकट बुकिग कार्यालय के आरक्षण पर्यवेक्षक (लिपिक) पर तत्काल टिकट ब्लैक करने का आरोप लगाकर यात्रियों ने हंगामा कर दिया। आरपीएफ ने जांच की तो टिकट ब्लैक होने का राज खुल गया। लिपिक को गिरफ्तार कर गुरुवार को चालान कर दिया गया।

रेलवे स्टेशन पर तत्काल टिकट जारी होने के समय कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि लिपिक अब्दुल मुस्तफा पहले अपने टिकट जारी करते हैं जबकि उस नाम का यात्री या उसके स्वजन मौजूद नहीं होते। तत्काल टिकट जारी होने का समय बहुत कम होता है, जिससे लोगों को टिकट नहीं मिल पाता। विवाद बढ़ने पर आरपीएफ चौकी प्रभारी प्रशांत सिंह यादव पहुंचे और जांच की। अब्दुल मुस्तफा का मोबाइल कब्जे में ले लिया। मोबाइल से चार टिकट के फोटो सहित कुल पांच टिकट का विवरण मिला जिसमें तीन टिकट तत्काल श्रेणी के थे। इन टिकटों का मूल्य 17,900 रुपये था। जांच में लिपिक के काउंटर से 5467 रुपये कम मिले। उसे हिरासत में आरपीएफ थाना फर्रुखाबाद लाया गया। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लिपिक मूल रूप से गोरखपुर जिले में शाहपुर के मोहल्ला घोसीपुरवा का निवासी है। उसके खिलाफ काफी दिनों से यात्री टिकट ब्लैक करने की शिकायत कर रहे थे। लिपिक की साठगांठ दलालों से थी। रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपित का चालान कर दिया गया है।

उसे हिरासत में आरपीएफ थाना फर्रुखाबाद लाया गया। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि लिपिक मूल रूप से गोरखपुर जिले में शाहपुर के मोहल्ला घोसीपुरवा का निवासी है।

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