जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद : बदल रहे मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्ग फीवर की चपेट से घिरे हैं। सोमवार को लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ी। फिजीशियन को दिखाने को लेकर मरीजों में धक्का मुक्की हो गई। स्वास्थ्य कर्मियों ने समझा बुझाकर लोगों को शांत किया।

सोमवार को दूरदराज से लोहिया अस्पताल पहुंचे मरीजों ने पर्चे बनवाए। जब वह आर्थो सर्जन, ईएनटी सर्जन, नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर पहुंचे तो चिकित्सक नहीं थे। मरीजों को बताया गया कि चिकित्सक दिव्यांग बोर्ड गए हैं। इस कारण मरीज इलाज को भटकते रहे। जनरल सर्जन भी अपने कक्ष में नहीं थे। ओपीडी में फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, मरीजों से घिरे थे। हृदय रोग विशेषज्ञ कुछ मरीजों को देखने के बाद पोस्टमार्टम ड्यूटी पर चले गए। फिजीशियन को पहले दिखाने के चक्कर में मरीजों में धक्का मुक्की हो गई। यहां तक मामला हाथापाई तक पहुंच गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने समझा बुझाकर मरीजों को शांत किया। लाइन लगवाकर मरीजों को एक-एक कर चिकित्सक के पास भेजा। फिजीशियन डा. अशोक कुमार ने बताया कि मौसम बदलने पर फीवर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वार्ड हो गए फुल

बारिश के बाद धूप निकला और फिर बादल छा जाने पर लोग बीमारियों से घिर गए हैं। लगातार मरीजों के लोहिया अस्पताल में पहुंचने पर आपातकालीन से लेकर दूसरी मंजिल पर बने वार्ड फुल हो गए हैं। जिससे मरीजों को भर्ती करने में दिक्कत आ रही हैं। कैदी वार्ड में मरीजों को भर्ती करने पर विचार किया जा रहा है।

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